फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों को पढ़ाने का सपना चकनाचूर

Wed, 18 Dec 2013 05:45 AM IST
Farrukhabad
विज्ञापन
विज्ञापन
अमृतपुर। तहसील क्षेत्र के नगला खुशहाली के लोगों का बच्चों को पढ़ाने का सपना चकनाचूर हो रहा है। यहां के स्कूल में ताला लटक रहा है। कागजों में अध्यापक की भी तैनाती है और मिड-डे-मील भी बन रहा है।
विज्ञापन

पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला खुशहाली जुलाई से बंद है। यहां 53 बच्चे पंजीकृत हैं। गांव के रामरतन यादव कहते हैं कि कई बार शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की गई। तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन स्कूल नहीं खुला। शिववीर सिंह कहते हैं कि उनके दो बच्चे पढ़ते थे। स्कूल बंद होने के चलते वह घर पर ही बैठे हैं। सुरेशचंद्र कहते हैं कि ऐसे स्कूल खोलने से क्या फायदा, जो बच्चों का भविष्य ही न सुधार सकें। जयश्री कहती हैं कि बच्चों को पढ़ाने-लिखाने का सपना देखा था लेकिन स्कूल बंद रहने से लगता है उनका सपना कभी पूरा नहीं हो सकेगा। गीता देवी कहती हैं कि उच्चाधिकारी गांव आकर जांच-पड़ताल करने के बाद विद्यालय खुलवाएं। खंड शिक्षाधिकारी बेगीश गोयल ने बताया शिक्षिका मनोरमा राठौर के वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। कटरी क्षेत्र के विद्यालयों में तैनात शिक्षिकाओं को हटाने के लिए बीएसए को कई पत्र भी लिखे जा चुके हैं। उप जिलाधिकारी अमृतपुर रामबहादुर वर्मा कटरी क्षेत्र के बंद पड़े विद्यालयों को खोले जाने के लिए बीएसए को तीन पत्र भेजे जा चुके हैं। बीएसए ने अभी तक इन स्कूलों को नहीं खुलवाया है। उन्होंने बताया कि बीएसए की शिकायत जिलाधिकारी से भी कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें