फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एससीएसटी के न्यायाधीश सूबा सिंह ने चचेरे भाई की हत्या करने के मुकदमे में आरोपी भाई को दोषी करार दिया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही11 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव गैसिंगपुर निवासी राजीव उर्फ कल्लू अपने चचेरे र्भा रमाकांत को दिल्ली में नौकरी लगवाने के बहाने 3 सितंबर 2006 को घर से बुला ले गया था। 4 सितंबर को हवाई पट्टी के पास युवक का अज्ञात में शव बरामद हुआ। पुलिस ने पंचनामा भर शव का पोस्टमार्टम कराया। इसकी जानकारी मिलने पर प्रवीण कुमार फतेहगढ़ पोस्टमार्टम में पहुंचा। वहां पर शव को देख कर कपड़े, सामान से भाई रमाकांत होने की पहचान की। प्रवीण कुमार ने भाई रमाकांत की हत्या किए जाने का मुकदमा चचेरे भाई राजीव उर्फ कल्लू के खिलाफ मोहम्मदाबाद कोतवाली में दर्ज कराया। इसमें घटना के दो माह पूर्व झगड़े के कारण हत्या की रंजिश बताई। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद्र राजपूत ने दलीले पेश की। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश सूबा सिंह ने चचेरे भाई की हत्या के जुर्म में आरोपी को दोषी करार दिया। सजा और जुर्माने से दंडित किया।