फर्रुखाबाद। मूंगफली कि सानों का मुनाफा इस साल मारा गया है। इनकी लागत भी वसूल नहीं हो पा रही है। एक सप्ताह में सातनपुर मंडी में इस जिंस की आवक बढ़ी है लेकिन भाव में कोई सुधार नहीं हुआ है। किसानों को पिछले साल के मुकाबले आधा भाव ही मिल रहा है।
मौसम ने मूंगफली किसानाें को तगड़ा नुकसान पहुंचाया है। भाव 2000 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल पर ठहरे हुए हैं। एक महीने में इसमें कोई इजाफ ा नहीं हुआ है। पिछले साल इस महीने में किसानों को 4500 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भाव मिल रहे थे। सातनपुर मंडी में 10 दिन के भीतर आवक जरूर बढ़ गई है। रोज 2000 पैकेट की आमद हो रही है।
मूंगफली आढ़ती सुधीर वर्मा रिंकू का कहना है कि इस दफा जिंस की गुणवत्ता कमजोर है। खुदाई के दौरान बरसात से फली पर चकत्ते पड़ गए हैं। दाना भी छोटा है। इससे ज्यादा डिमांड नहीं है। मध्यप्रदेश से ही मांग आ रही है।
इस भाव में मुनाफे की उम्मीद टूट रही है। फ सल ने इन्हें घाटे में पहुंचा दिया है। मीरपुर के मूंगफ ली किसान जनक सिंह का कहना है कि इस भाव में लागत भी नहीं निकल रही है। पैदावार कम हुई है। एक बीघा में एक से सवा क्विंटल उपज मिली है जबकि इसे दो से सवा दो क्विंटल प्रति बीघा होना चाहिए था। एक बीघा फसल में 2300 रुपये की लागत आई है। इनका कहना है कि गेहूं व धान की तरह मूंगफली का भी समर्थन मूल्य तय कर दिया जाना चाहिए।