फर्रुखाबाद। देवरिया की महिला को बेचने के मामले में पुलिस अपनी बला टालने में जुटी है। पहले दिन पुलिस के आला अफसरों तक ने तेजी दिखाई और विवाहिता को लखनऊ से बहला-फुसला कर लाने वाले को तलाशने का दावा किया, लेकिन अब पुलिस पैंतरेबाजी दिखा रही है। पुलिस विवाहिता को बेचने के आरोपी को तलाशने के बजाय उसे उसके मूल निवास पर पहुंचाने की तैयारी में है। इसके लिए विवाहिता के ससुर को बुलाया गया है।
मालूम हो कि बीते दिन मोहम्मदाबाद के गणपतपुर निवासी संतोष कुमार के घर एक सप्ताह पहले आई महिला अपने चार वर्षीय बेटे के साथ भाग कर ग्रामीणों के पास जा पहुंची थी। वह ग्राम प्रधान के साथ मोहम्मदाबाद कोतवाली पहुंची और खुद के बेेचे जाने की बात बताई। संतोष कुमार के भाई ने भी बताया कि उसने कमालगंज के दयाराम उर्फ लाला से 30 हजार में महिला को खरीदा था। खरीद-फरोख्त का मामला सामने आने के बाद महिला को बेेटे सहित महिला थाने भेज दिया गया था। मोहम्मदाबाद कोतवाल के साथ ही महिला थानाध्यक्ष सुभद्रा वर्मा ने भी लखनऊ से बहला-फुसला कर महिला को लाने वाले को ढूंढने की बात कही थी। इसके बाद भी गुरुवार शाम तक पुलिस को बेचने वाले व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इतना ही नहीं पुलिस ने मौके पर जाने की जरूरत भी नहीं समझी।
गुरुवार को मोहम्मदाबाद कोतवाल महिला थाने पहुंचे और महिला से बात करने के बाद उसके देवरिया निवासी ससुर से उसकी बात कराई। कोतवाल रामसूरत सोनकर ने बताया कि महिला के ससुर से उसे ले जाने की बात कही गई है। उनका कहना कि इससे पहले भी महिला दो बार घर से भाग चुकी है। वह अक्सर ऐसा करती है। आला अधिकारी भी एक बार फिर मामले को दिखवाने की बात कह रहे हैं।
बेचने वाले को क्यों बचा रही पुलिस
विवाहिता के बेचे जाने के मामले को पुलिस ऐनकेन प्रकारेण निपटाने की तैयारी में है। सवाल यह है कि उसे बेचने वाले शख्स को ढूंढा क्यों नहीं जा रहा। आरोपी का भाई भी स्वीकार कर चुका है कि उसने भाई से शादी के एवज में 30 हजार रुपए दिए थे। इसके बावजूद पुलिस आरोपी लाला उर्फ ललई के बारे में जानकारी नहीं कर रही है।