फर्रुखाबाद। शहर की दीपावली गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल भी है। मुस्लिम भी रोशनी के इस पर्व में शिरकत करते हैं। धनतेरस पर कई परिवारों की महिलाओं ने खरीददारी की थी।
शहर में त्योहारों पर खुशियां बांटने की पुरानी परंपरा है। मुस्लिम परिवार भी खील, खिलौनों व मिठाई की खरीददारी कर रहे हैं। गढ़ी के शादाब खां इस पर्व पर घर को बिजली की रंग बिरंगी झालरों से सजाते हैं। उनका कहना है कि इस बार भी झालरें बांधेंगे। तराई मोहल्ले के अशरफ का कहना है कि वह भी इस रात घर पर रोशनी करते हैं। माशूक अंसारी, सैफ मोहम्मद ने कहा कि बच्चों को दीपावली की रात बाजार ले जाना नहीं भूलते। त्योहार की भोर में बच्चों के लिए मिट्टी के घरौंदे भी बनाए जाते हैं। उधर, धनतेरस पर मुस्लिम परिवारों की महिलाओं ने भी खरीददारी करने निकली थीं। खटकपुरा की जुबैदा ने बताया कि इस दिन वह कई सालों से बर्तनों की खरीद करती आ रही हैं। छावनी की संजीदा ने बताया कि खुशी केे साथ ही यादगार भी कायम रहती है। मोहम्मद बसी ने बताया कि दीपावली पर घर मेें मिठाई ले जाना नहीं भूलते हैं।