चूल्हे की चिंगारी ने तहसील क्षेत्र के गांव कुड़रीसारंगपुर में 90 झोपड़ियां जला डालीं। इस अग्निकांड में एक बालक और दो पशुओं की जलकर मौत हो गई। चार पशु झुलस गए। मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड भी धोखा दे गई। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटनास्थल पर पहुंचे तहसीलदार ने अग्निपीड़ितों को राहत राशि के चेक बांटे। उन्होंने प्रधान पति को लंच पैकेट बंटवाने और कोटेदार को मुफ्त राशन वितरित करने के निर्देश दिए। गांव कुड़री सारंगपुर में गुरुवार शाम करीब 5.30 बजे रामजीत के घर पर चूल्हे पर भोजन बन रहा था।
चूल्हे की चिंगारी रामजीत की झोपड़ी पर जा गिरी। इससे झोपड़ी में आग लग गई। तेज हवा के कारण आग ने पड़ोसी राजवीर की झोपड़ी को भी चपेट में ले लिया। इसके बाद एक के बाद एक 90 झोपड़ियां धू-धू कर जलने लगीं। आग लगी देेख आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
घटना की जानकारी थाना पुलिस को देकर ग्रामीण पंपसेट आदि चलाकर आग बुझाने में जुट गए। इस दौरान झोपड़ी में सो रहे राजवीर के आठ वर्षीय पुत्र सुरजीत की जलकर मौत हो गई। महावीर की भैंस का बच्चा और राजवीर की एक भैंस जलकर मर गईं। रघुवीर व बन्नू की एक-एक व जयवीर की दो भैंसें झुलस गईं।
सूचना मिलने पर जिले से फायर ब्रिगेड डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के मोटर ने पंपसेट से पानी नहीं उठाया। इससे फायर ब्रिगेड ऐसे ही खड़ी रही। दमकलकर्मी विश्वनाथ ने इसकी सूचना अपर पुलिस अधीक्षक को सूचना दी। पड़ोसी जिला जलालाबाद से दूसरी फायर ब्रिगेड करीब 7.30 बजे पहुंची।
तब तक ग्रामीण आग पर काबू पा चुके थे। इस अग्निकांड में ग्रामीणों का सब कुछ जलकर बर्बाद हो गया। अग्निपीड़ितों का कहना था कि खाने की छोड़ो, पहनने को एक कपड़ा तक नहीं बचा है। इस अग्निकांड में करीब 50 लाख का नुकसान होने का अनुमान है।
घटना की जानकारी पर तहसीलदार आरपी चौधरी, थानाध्यक्ष मोहम्मद मुस्लिम खां और राजस्व निरीक्षक राजेश कुमार पहुंचे। तहसीलदार ने प्रधान पति रामरईस यादव से लंच की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने फकरपुर के कोटेदार को मुफ्त में राशन बांटने के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार ने अग्निपीड़ितों की सूची बनाकर उन्हें चेक बांटने शुरू किए। तहसीलदार ने बताया कि अग्निपीड़ितों को 7900 रुपये के चेक दिए जा रहे हैं।
राजवीर, रामबाबू, श्यामबाबू, अनिल कुमार, हंसराम, मिड़ईलाल, रामजीत, महावीर, राममूर्ति, श्रीदेवी, जयवीर, राजवीर, लल्लन, छोटेलला, रामप्रकाश, जयराम, कृपाल, रामवीर, अतर सिंह, निर्भय, दिलीप कुमार, अर्जुन, राकेश कुमार, रमेशचंद्र, शौकीन, रामकिशन, विमलेश कुमार, सुखदेवी, अखिलेश, सिद्घार्थ, मुकेशचंद्र, महिराम, रामकिशन, कालीचरन, रामप्रसाद, रामनिवास, राजेंद्र, रवि कुमार, धन्नू, विश्राम, महिपाल सिंह, कुंवरपाल, पिंटू, गुड्डू, श्रीनिवास, छोटेलला, गयाराम, अद्दू समेत 90 लोगों की झोपड़ियां जली हैं।