फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैकेज पूरा होने पर मरीज को कर दिया डिस्चार्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य बीमा योजना कुछ मरीजों के लिए जीवनदायनी बन रही है तो किसी के जी का जंजाल बन गई है। ऐसा ही एक मामला शहर में सामने आया है, जहां डाक्टर ने महिला का इलाज पूरा किए बिना ही पैकेज पूरा हो जाने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया।
विज्ञापन


साथ ही टांके सही नहीं लगने पर उसमें रुई लगा दी। इसके बाद उसकी हालात और ज्यादा बिगड़ गई। शरीर में कीड़े पड़ गए। बाद में परिजनों ने उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

आयुष्मान योजना के तहत अलग-अलग बीमारियों के लिए अलग-अलग पैकेज निर्धारित है। मोहल्ला नुनहाई निवासी शिवरानी के पति की काफी पहले मौत हो चुकी है। वह अपनी इकलौती बेटी रोली के साथ रहती है। शिवरानी काफी समय से अपेंडिक्स की बीमारी से पीड़ित थी।
विज्ञापन


रोली ने बताया कि आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड मिलने पर 16 जनवरी को वह फतेहगढ़ स्थित एक नर्सिंगहोम में इलाज कराने गई थी। वहां पर डाक्टर ने तुरंत ही उसका ऑपरेशन कर दिया। टांके खुल जाने पर उसमें रुई लगा दी। साथ ही बाहर से मंगवाकर दवाओं का उपयोग भी किया। 22 जनवरी को महिला को डिस्चार्ज कर दिया।

उसी तारीख में उसे दुबारा से दूसरी बीमारी दिखा कर भर्ती कर लिया। पांच दिन और भर्ती रखने के बाद महिला के तीमारदारों को मरीज को ले जाने को कहा। पीड़ित ने बताया कि डाक्टर ने कह दिया कि अब महिला में कुछ नहीं बचा है इसे ले जाओ।

साथ ही आयुष्मान का पैकेज खत्म होने से इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन मरीज को घर ले गए। जब महिला के शरीर से बदबू आने लगी तो वह लोग उसे आवास विकास स्थित अस्पताल ले गया। वहां बताया गया कि अस्पताल आयुष्मान योजना में शामिल नहीं है।

परिजनों ने किसी तरह कर्ज आदि लेकर उसका इलाज करवाया। लेकिन रुपये खत्म हो जाने के बाद वह मरीज को डिस्चार्ज करवा कर ले गए। बुधवार को वह दोबारा आवास विकास स्थित अस्पताल पहुंचे तब वह अस्पताल भी आयुष्मान योजना में शामिल हो गया था।

इसके बाद वहां दोबारा महिला का इलाज शुरू किया गया। तब मामला सामने आया। इलाज कर रहे डाक्टर ने बताया कि जिस समय महिला इलाज के लिए पहली बार आई थी उस समय भी उसे बताया गया था कि वह कहीं बाहर अच्छे अस्पताल में आयुष्मान पैकेज के अंतर्गत इलाज करवा ले।

लेकिन वह लोग ले जाने को तैयार नहीं हुए। इस बार भी परिजनों को बाहर ले जाने की सलाह दी है। महिला का इलाज किया जा रहा है। उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

आयुष्मान योजना में मरीजों का इलाज पूरी तरह से मुफ्त किया जाता है। इसके बावजूद डाक्टर ने मरीज के तीमारदारों से बाहर से महंगे महंगे इंजेक्शन मंगवाकर लगवाए।

मामले की जांच करने पहुंचे आयुष्मान योजना के जिला प्रोग्राम कोआर्डिेनेटर डा. अमित मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। अस्पताल पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


पैकेज पूरा होने पर मरीज को किया डिस्चार्ज

टांके खुलने पर मरीज के पेट में लगा दी रुई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें