फर्रुखाबाद। चुनाव आचार संहिता के अनुपालन को लेकर प्रशासन लगातार बड़े-बड़े दावे कर रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं। सोशल मीडिया पर आचार संहिता के अनुपालन को लेकर प्रशासन ने अलग से (एमसीएमसी) मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनीटरिंग कमेटी सेल का गठन किया है। जो सोशल मीडिया पर आचार संहिता व चुनाव को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर निगाह रखेंगे। अभी तक सोशल मीडिया पर आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
चुनाव अधिसूचना जारी होने के साथ ही सभी पार्टी के समर्थक व स्वयं प्रत्याशियों द्वारा अपने-अपने नेताओं के बारे में बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं। उनकी उपलब्धियां भी बताई जा रही हैं। जाति-धर्म पर आधारित पोस्ट भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक-व्हाट्सएप पर जमकर शेयर हो रही है। वैसे तो यह सब आचार संहिता के उल्लंघन में है, लेकिन जानकारी के अभाव में तमाम लोग इन पोस्ट को शेयर करते हुए कमेंट भी कर रहे हैं।
सब कुछ जोड़तोड़ कर बना दिया 56 इंच
सोशल मीडिया पर चुनावी खुमार चढ़ा हुआ है। फेसबुक व व्हाट्सएप पर अपनी-अपनी चहेती पार्टियों के पक्ष में तरह-तरह की पोस्ट डाली जा रही हैं। एक पोस्ट में तो मतदान से लेकर शपथ ग्रहण तक की तारीख को जोड़कर ‘56’ योग दिखा दिया गया। इस ‘56’ का खुलकर मतलब नहीं बताया गया। पोस्ट में लिखा गया है कि, 11 से शुरू होकर 19 को खत्म, 23 को रिजल्ट व 03 दिन बाद शपथ देखिए जोड़ कहीं ‘56’ तो नहीं।
इसी तरह एक पोस्ट में लिखा गया है कि आप भी अभिनंदन बन सकते हैं, आपका मिग होगा ईवीएम, आपका ट्रिगर होगा (एक पार्टी का निशान) बटन और आपका टारगेट होगा देश के अंदर छुपे देशद्रोही। इसी तरह पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक जैसी बड़ी कार्रवाई व वीर सैनिकों की गौरवगाथा को भी चुनावी रंग दिया जा रहा है।