फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब सिफारिश पर रखोगे तो कार्रवाई कैसे करोगे

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। इसमें उन्होंने एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही कहा कि जब सिफारिश पर नियुक्ति करोगे तो कार्रवाई नहीं कर पाओगे।
विज्ञापन


डीएम ने कहा कि 34 आशाओं को निकालने के लिए चिह्नित किया गया था उन्हें अब तक क्यों नहीं निकाला गया है। कमालगंज में पद के सापेक्ष आशाओं की ज्यादा भर्ती कर लेने का मामला सामने आया। इस पर डीएम ने सभी को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोबारा से सही भर्ती की जाए। इसके बाद मोहम्मदाबाद क्षेत्र की लापरवाह आशाओं को हटाने की बात कही गई। तब बताया गया कि 2007 में की गई नियुक्ति की फाइल ही गायब है। इस पर जिलाधिकारी ने जमकर फटकार लगाई। उन्होंने एसीएमओ से पूछा कि कमालगंज में डाक्टर ममता शर्मा आती नहीं हैं तो उन पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस पर किसी अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं था। जिलाधिकारी ने एसीएमओ से कहा कि वह शासन को रिपोर्ट में बता देंगी कि एसीएमओ लापरवाह लोगों को संरक्षण दिए हुए हैं।

लोहिया महिला अस्पताल के सीएमएस से पूछा गया कि डाक्टर पूनम शर्मा अस्पताल में आतीं नहीं हैं वह अपने पति का अस्पताल चलवाती हैं उन पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि लोहिया महिला अस्पताल में एक माह में महज आठ ही प्रसव हुए हैं। इससे ज्यादा कमालगंज सीएचसी में हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी लापरवाह हैं। इसी दौरान सीडीओ अपूर्वा दुबे ने बताया कि महिला अस्पताल में खाना नहीं मिलने की शिकायत पर जांच की गई थी। इसके बाद रसोइये को हटाने के निर्देश दिए गए थे। अब तक उसे नहीं हटाया गया है। जिलाधिकारी ने पूछा कि 34 हेल्प सेंटर बनाए जाने थे। वह कहां हैं। इस पर बताया गया कि सीएचसी में हेल्प सेंटर चालू हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि हेल्प सेंटर के लिए 64 लाख का बजट आया था इसे कहां ले जाओगे इसका कोई जवाब नहीं दे पया। डीएम ने कहा कि कई बार अल्टीमेंटम देने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग में कोई सुधार नहीं हो रहा है। अब लापरवाहों को बख्शा नहीं जाएगा। शासन को सभी की रिपोर्ट भेजी जाएगी।
विज्ञापन


इसके अलावा मत्स्य विभाग की एक अन्य समीक्षा बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें जिलाधिकारी ने तालाबों पर किए गए कार्यों की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने मत्स्य उपनिदेशक से पूछा कि मछली पालन के लिए आठ लोगों का चयन किया गया था। इसमें से महज सिया देवी को ही एक लाख रुपये क्यों दिए गए। अन्य को किनारे क्यों कर दिया गया। इस पर कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को मामले के दस्तावेज की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें