कमालगंज। ग्राम पंचायतों में पेयजल समस्या दूर कराने के लिए हैंडपंपों की मरम्मत का काम जारी है। हैंडपंपों की दोबारा बोरिंग के लिए 65 प्रस्ताव आ चुके हैं। एस्टीमेट बनाने के लिए अवर अभियंता ने सर्वे शुरू करा दिया है। कुछ में रिबोर का काम शुरू भी हो गया है।
गर्मी के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों की खराबी ने पानी की समस्या बढ़ा दी। नए ग्राम प्रधानों ने हैंडपंप मरम्मत का काम तेजी से शुरू कराया है। छह हजार से अधिक जनसंख्या वाली ग्राम पंचायत बंथलशाहपुर में कई हैंडपंप खराब थे। अभियान चलाकर इन्हें ठीक कराया जा रहा है। रसीदपुर, पंजूखिरिया, नगरिया, शेरपुर सराय, मोहनपुर दिनारपुर, बहोरिकपुर, जहांगीरपुर, नगरिया देवधरापुर, शरफुद्दीनपुर, सदरियापुर, अजीजलपुर, जहानगंज, डूंगरपुर, राजेपुर टप्पामंडल, सरफाबाद आदि में भी हैंडपंप ठीक हो रहे हैं।
प्रभारी सहायक अभियंता लघु सिंचाई अशोक कुमार का कहना है कि ब्लॉक क्षेत्र में 65 हैंडपंपों को रिबोर करने के प्रस्ताव ग्राम पंचायत से आए हैं। इनमें 45 की जांच हो चुकी है। रिबोर में गहराई के हिसाब से 25 हजार से अधिकतम 32 हजार रुपये तक खर्च आ जाता है। राज्य व केंद्रीय वित्त की ग्राम निधि से इसका भुगतान होता है।
एडीओ पंचायत किशन पाल सिंह ने बताया कि हैंडपंप की मरम्मत और रिबोर खर्च के भुगतान के लिए सभी प्रधानों व सचिवों के डोंगल पंजीकृत हो गए हैं।