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स्कूलों में शौचालय मिले बदहाल और भट्ठे पर काम करते मिले बच्चे

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फर्रुखाबाद। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डा. प्रीति वर्मा को शनिवार को निरीक्षण में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के शौचालय बदहाल और छात्र-छात्राओं की संख्या कम मिली। बीएसए कार्यालय परिसर में स्थित नगर संसाधन केंद्र के पीछे एक कंप्यूटर का मॉनीटर कूड़े में पड़ा मिला। भट्ठे पर बच्चे काम करते मिले। यह देखकर उन्होंने प्रभारी बीएसए से नाराजगी जताई। भट्ठा मालिक को नोटिस जारी कर बिना आधार के काम करने वाले मजदूरों और बच्चों से काम कराने के संबंध में जवाब मांगने का निर्देश दिया। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेज कर भट्टा बंद कराने को कहा।
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आयोग की सदस्य डा. प्रीति वर्मा ने बढ़पुर ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय याकूतगंज का निरीक्षण किया। इस विद्यालय में 101 पंजीकृत बच्चों में 32 उपस्थित थे। शौचालय गंदे होने से ताला पड़ा था। उनके ऊपर रखी टंकी में पानी नहीं था। विद्यालय की दीवार पर जर्जर भवन लिखा था, लेकिन कमरों के अंदर बेंच पड़ी थी। कमरों में मानों कई महीनों से सफाई न हुई हो। एक कमरे में बच्चों के लिए खाना बनाया जाता है। वहां पर कबाड़ और गैस सिलिंडर रखा था। इसमें हर ओर गंदगी थी। यह देखकर उन्होंने अफसरों से नाराजगी जताई। छात्राओं को सेनेटरी पैड नहीं बांटा गया। इस विद्यालय के बच्चों को पढ़ाने के लिए दिया गया कंप्यूटर नहीं रखा था। इसके बाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय महरूपुर सहजू का निरीक्षण किया। इस विद्यालय की स्थिति तो अच्छी थी, लेकिन शौचालय बदहाल थे, इसमें गंदगी का अंबार था।

यहां गांव में रहने वाली महिला लौंगश्री ने बच्चे को भरपेट एमडीएम के तहत खाना न दिए जाने की शिकायत की। बीएसए कार्यालय परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण में भी शौचालय बदहाल मिला, इसमें ताला पड़ा था। नगर संसाधन केंद्र के पीछे गंदगी फैली थी। वहीं, बच्चों को सिखाने वाले कंप्यूटर का मानीटर कूड़े में पड़ा हुआ था।
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इस विद्यालय में 143 पंजीकृत बच्चों में 38 उपस्थित थे। महरूपुर सहजू के पास स्थित आरवाई ईंट भट्ठे का आयोग की सदस्य ने निरीक्षण किया। यहां 20 से 25 बच्चे काम करते मिले। यहां काम करने वालों के पास आधार कार्ड नहीं था। ये कहां के रहने वाले हैं, कब से यहां रह रहे हैं। इसका किसी ने जवाब नहीं दिया।
उन्होंने प्रभारी बीएसए बेगीश गोयल से कहा कि भट्ठे पर बच्चे काम कर रहे हैं, यह बाल श्रम की श्रेणी में आता है। बच्चों से काम करवाने के आरोप में डीएम को रिपोर्ट भेज कर भट्ठा का संचालन बंद कराया जाए। आयोग की सदस्य ने बीएसए कार्यालय में बैठकर स्कूलों में शिक्षा के लिए भेजे गए कंप्यूटर, राइट टू एजूकेशन के तहत दिलाए गए प्रवेश व बच्चों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के संबंध में अभिलेख खंगाले। उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी जताई। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

सरकारी किताबों को जलवाना अपराध है, होगी कार्रवाई
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य डा. प्रीति वर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि राइट टू एजूकेशन के लिए जागरुकता की जरूरत है। प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में समान शिक्षा दिए जाने का सरकार काम कर रही है। अभी तक की सरकारों ने महिलाओं और बच्चों के प्रति कुछ नहीं सोचा था। भाजपा सरकार महिलाओं और बच्चों के हित के लिए काम कर रही है। उन्होंने नौ मंडलों में निरीक्षण किया है। बच्चों से स्कूलों में काम कराना गलत है। श्रम विभाग में एक पोर्टल शुरू हुआ है। जिस पर शिकायत करने पर बाल श्रम करवाने वालों पर तत्काल कार्रवाई होती है। बच्चों के लिए आने वाली सरकारी किताबों को जलाना या जलवाना अपराध की श्रेणी में आता है। नरेंद्र सरीन स्कूल में जो सरकारी किताबें जलाई गई हैं। उस मामले में जांच कराकर कार्रवाई किए जाने के लिए वह शासन को रिपोर्ट भेजेंगी।

श्रम विभाग के अफसर ने नहीं उठाया फोन
फर्रुखाबाद। भट्ठा पर बाल मजदूरों को काम करता देखकर आयोग की सदस्य ने प्रभारी बीएसए से श्रम विभाग के अफसरों को बुलाने के लिए कहा। वहां पर श्रम विभाग के अफसर न होने पर उन्होंने खुद श्रम विभाग अधिकारी को फोन मिलाया, लेकिन उनका फोन श्रम अधिकारी ने नहीं उठाया। आयोग की सदस्य ने कहा कि इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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