रामगंगा और गंगा की बाढ़ से तहसील क्षेत्र के करीब 60 गांव घिर गए हैं। इसके चलते हजारों ग्रामीणों के सामने खाने-पीने के साथ ही अन्य समस्याएं खड़ी हो गई हैं। कई गांवों में सड़कें कटने से आवागमन में भी दिक्कतें होने लगी हैं। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। इससे बाइकें निकलने में दिक्कत हो रही है।
शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 137.05 और रामगंगा का 137.40 मीटर पर पहुंच गया। गंगा में 1.86 लाख और रामगंगा में 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा व रामगंगा में खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है। गंगा की बाढ़ से बर्राखेड़ा, महमदगंज, हुसैनापुर, हुसैनपुर, तेरा अकबरपुर और खुटिया समेत करीब 40 गांव और रामगंगा की बाढ़ से करीब 20 गांव घिरे हैं। गांवों के चारो ओर पानी भरे होने से लोग परेशान हैं। यह ऊंचे स्थानों पर चूल्हा रखकर भोजन बना रहे हैं। चारे और भूसे की समस्या खड़ी हो गई है। कलक्टरगंज, जोगराजपुर, करनपुरघाट, अमैयापुर, हीरानगर, भावन, रूलापुर, चपरा, गुड़ेरा, गुलरिया, गहलार और खाकिन मार्गों पर पानी कमर से ऊपर बह रहा है। पानी से होकर ही ग्रामीण और स्कूली बच्चे आवागमन कर रहे हैं। अर्जुनपुर-कड़हर मार्ग कटने से आवागमन प्रभावित हो रहा है।
शुक्रवार को एसडीएम ब्रजकिशोर दुबे ने शीशराम की मड़ैया, बंगला, नगला रामप्रसाद, कालिका नगला, माखन नगला, सुंदरपुर, कछुआगाढ़ा, नगला दुर्गू, जसूपुर गढ़िया, सैदापुर, रामपुर, जोगराजपुर, बमियारी, करनपुरघाट और कुड़री सारंगपुर आदि गांवों में बाढ़ राहत सामग्री बटवाई। उन्होंने बताया कि 1350 पैकेट बांटे गए हैं। 2200 पैकेटों की और मांग की गई है।