फर्रुखाबाद। बिजली बिल राहत योजना पर इस बार आलू की मंदी का असर साफ दिखाई दे रहा है। तीन माह से चल रही बिजली बिल में छूट की योजना का लाभ 60 फीसदी बकायेदार किसान नहीं ले सके। इससे विभाग का करीब 173 करोड़ रुपये राजस्व फंसा है। शनिवार से छूट भी बंद हो गई।
शासन से इस बार बिजली बिल के बकायेदारों के लिए पहली बार बिजली बिल राहत योजना के तहत मूल बकाये पर भी 15 से प्रतिशत तक छूट दी गई थी। दिसंबर 2025 से शुरू हुई योजना 28 फरवरी तक के लिए लागू की गई। इसमें एक से दो किलोवाट भार तक बकायेदार उपभोक्ताओं को दिसंबर के पहले चरण में पूरा ब्याज माफ करने के साथ मूल बकाये पर 25 प्रतिशत छूट दी गई।
जनवरी के दूसरे चरण में मूल बिल पर छूट घटाकर 20 प्रतिशत कर दी गई। वहीं योजना के तीसरे व अंतिम चरण फरवरी में ब्याज पर शत प्रतिशत छूट के साथ मूल बिल के बकाये पर 15 प्रतिशत छूट मिलती रही। इसके बावजूद 60 प्रतिशत से अधिक बकायेदार उपभोक्ता बिजली बिल राहत योजना का लाभ नहीं ले सके।
जिले में प्रमुख रूप से आलू की खेती होती है। सर्वाधिक बिजली उपभोक्ता भी किसान हैं। इस वर्ष शीतगृहों में भंडारित आलू पर मंदी छाई रही। इससे शीतगृहों से निकालकर आलू बेचने के बाद भी किसान समर्थ नहीं हो सके। इसके बाद खेतों में नया आलू तैयार हुआ तब भी भाव की मंदी के चलते किसान की लागत निकलना मुश्किल है। इससे किसान इस बार आलू की फसल में दोहरी मार पड़ने से बर्बाद हो गया। इसका सीधा असर बिजली बिल राहत योजना पर भी दिखाई दिया।
योजना में जिले के एक लाख 13 हजार 571 उपभोक्ताओं को लाभ दिया जाना था। इन पर करीब 215 करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया था। तीन माह की योजना शनिवार को समाप्त हो गई। विभाग से मिले रिकॉर्ड के अनुसार 26 फरवरी तक कुल 44600 उपभोक्ताओं ने ही योजना में पंजीकरण कराया और 42 करोड़ रुपये बिल अदा किया। इससे जिले के करीब 69 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लेने से दूरी बनाई। इसका प्रमुख कारण आलू की मंदी बताया जा रहा है।
वर्जन
बिजली राहत योजना के तहत 26 फरवरी तक 45600 उपभोक्ताओं का पंजीकरण कर करीब 42 करोड़ रुपये राजस्व जमा किया गया है। अब योजना के बढ़ने की उम्मीद कम है। योजना बंद होने पर बकाएदार उपभोक्ताओं को पूरी धनराशि जमा करनी होगी। -यादवेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता
योजना के पात्र बकायेदार उपभोक्ता
डिवीजन - बकायेदार उपभोक्ता - पंजीकरण - बकाया राशि - जमा राशि
शहर - 2749 - 2301 - 8.00 करोड़ - 3.36 करोड़
कायमगंज - 43400 - 16800 - 71.50 करोड़ - 15.30 करोड़
ग्रामीण - 67300 - 25500 - 135.50 करोड़ - 23.25 करोड़
तीन डिवीजन - 1,13449 - 44601 - 215.00 करोड़ - 41.91 करोड़