भीषण गर्मी व उमस भरे मौसम में रोजेदार पूरी शिद्दत से खुदा की इबादत में जुटे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक पूरे दिन प्यासे रहने से डी हाइड्रेशन व सहरी इफ्तार में गलत खानपान से सेहत को खतरा रहता है। ऐसे में रोजेदारों को तरोताजा रखने के लिए उन्होंने कुछ विशेष टिप्स दिए हैं।
सीएचसी के आयुष चिकित्सक डॉ. अमरेश कुमार ने कहा कि रोजेदार तय कर लें कि सहरी व इफ्तार में पोषक आहार भरपूर मात्रा में लें। भीषण गर्मी में कमजोरी व थकान हो सकती है। सहरी के वक्त पत्तेदार सब्जियां, सलाद खाना चाहिए, ताकि शरीर मे फाइबर मौजूद रहे और अपच की समस्या न हो।
कोल्डड्रिंक, तरल पकवान बिल्कुल न लें। ड्राईफ्रूट्स, फल, केला, अंडा, रोटी, ओट्स व खजूर के साथ दूध ले सकते हैं। इफ्तार में तला भुना खाने से बचना चाहिए। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पानी, लस्सी, शरबत, खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा जैसे रसदार फल लें।
अधिक मीठे, फैट और कॉर्बोहाइड्रेट वाले भोजन से परहेज करें। रोजेदारों को सेहत संबंधी कोई समस्या हो इसलिए चिकित्सक से सलाह लें। कोल्डड्रिंक व फास्ट फूड न लें। निजी डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि डायबिटीज के मरीज भी रोजा रख सकते हैं।
ऐसे मरीजों को अपने डॉक्टर से डाइट प्लान बनवा लेना चाहिए। सहरी व इफ्तार दोनों समय ही डाइट प्लान के अनुसार खाना चाहिए। रात में खूब पानी पीना चाहिए।
भीषण गर्मी चिलचिलाती धूप और उमस रोजेदारों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। इस बार रोजे 15 घंटे से ज्यादा वक्त के हो रहे हैं। रमजान में रोजेदार उत्साहित हैं। चिलचिलाती धूप व गर्मी उनके उत्साह में कमी नहीं ला पा रही है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक रोजे रख इबादत कर रहे हैं। मस्जिदों में रोजेदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
रसदार फल रखेंगे रोजेदारों को तरोताजा
पत्तेदार सब्जियां व सलाद का करें ज्यादा इस्तेमाल
गर्मी व उमस भरे मौसम में विशेषज्ञों ने सहरी व इफ्तार के दिए टिप्स