फर्रुखाबाद। सीडीओ के आदेश पर जिला समन्वयक सरिता त्रिवेदी ने नगर शिक्षा अधिकारी और नगर क्षेत्र के एबीआरसी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इनके खिलाफ नगर संसाधन केंद्र में भरे जूता-मोजा और बैग को बेचने को ग्राहक की तलाश किए जाने का आरोप लगाया था। डीसी बालिका ने दोनों लोगों को नोटिस जारी कर लगाए गए आरोपों पर तीन दिन में जवाब मांगा है।
फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला नेकपुर कलां निवासी शिव नारायण ने डीएम से नगर शिक्षाधिकारी सोमवीर सिंह व एबीआरसी आलोक कुमार की शिकायत नवंबर में की थी। इसमें आरोप लगाया कि बीएसए कार्यालय परिसर में बने नगर संसाधन केंद्र और प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन के अतिरिक्त कक्षा कक्ष में छात्र-छात्राओं को बंटने वाले जूता-मोजा और बैग भरे हुए हैं। इनको बेचने के लिए नगर शिक्षा अधिकारी और एबीआरसी ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। वह इनको बेचकर धन का गबन करने की जुगाड़ में हैं। इस संबंध में जब नगर शिक्षा अधिकारी से जानकारी की तो उन्होंने एससीएसटी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। डीएम ने सीडीओ को जांच करवाने का आदेश दिया।
सीडीओ ने बीएसए को जांच कर आख्या देने का आदेश छह दिसंबर 2018 को दिया था। बीएसए के आदेश पर डीसी बालिका शिक्षा सरिता त्रिवेदी ने जांच शुरू की। उन्होंने नगर शिक्षा अधिकारी और एबीआरसी आलोक कुमार को नोटिस जारी कर शिकायत में लगाए गए आरोप पर तीन दिन में जवाब देने का आदेश दिया है। इसमें कहा गया कि तीन दिन में साक्ष्य समेत स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो माना जाएगा इस विषय में कुछ भी नहीं कहना है। तब प्रशासनिक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी।