फर्रुखाबाद। बीएसए रामसिंह को राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय करनपुर दत्त के निरीक्षण के दौरान शौचालय निर्माण में गोलमाल मिला। शौचालय में न तो पानी की टंकी रखवाई गई और न टाइल्स लगाए गए, फिर भी 70 हजार रुपये खर्च हो गए। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक से नाराजगी जताई। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के निरीक्षण में कमरों के दरवाजे, खिड़की खराब मिले। शैक्षिक गुणवत्ता बदहाल मिलने पर शिक्षिकाओं से नाराजगी जताई।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में शामिल होने के बाद कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इसमें दो कमरों का प्लास्टर टूटा मिला। दरवाजे और खिड़की खस्ताहाल थे। सफाई व्यवस्था बदहाल थी। पंजीकृत 100 छात्राओं में से 54 विद्यालय में उपस्थित थीं। यह देखकर बीएसए ने नाराजगी जताई। उन्होंने कमरों की मरम्मत और दरवाजे व खिड़की दूसरे लगवाने को एस्टीमेट बनाकर दिए जाने के वार्डन को निर्देश दिए। गणित विषय की पढ़ाई ठीक से न होने पर बीएसए ने शिक्षिकाओं को पढ़ाई में सुधार लाने के निर्देश दिए। राशन कम होने पर उसकी आपूर्ति कराने का आश्वासन दिया है।
इसके बाद प्राथमिक विद्यालय करनपुर दत्त का निरीक्षण किया। इसी विद्यालय परिसर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय करनपुर दत्त संचालित होता है। विद्यालय परिसर में करीब 70 लाख की कीमत से शौचालय का निर्माण कराया गया है। इसमें न तो टाइल्स लगवाए गए और न शौचालय के ऊपर पानी की टंकी रखी गई थी। इससे लगता है कि शौचालय निर्माण के धन में गोलमाल किया गया है। प्रधानाध्यापक को 15 दिन में शौचालय में टाइल्स लगवाने और पानी की टंकी रखवाने के निर्देश दिए हैं। दोनों विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम थी और शैक्षिक गुणवत्ता भी खराब थी। इसलिए प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी किया गया है।