500 व 1000 के नोट बंद होने से यात्रियों के सामने भी समस्याएं खड़ी हो गई हैं। रोडवेज परिचालक और रेलवे स्टेशन पर टिकट घर में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी 500 व 1000 का नोट लेने से इनकार कर रहे हैं। लोकल रेलवे टिकट घर के संचालक तो साफ तौर से 500 का टिकट लेने से इनकार कर रहे हैं।
500 व 1000 का नोट चलन में बंद होने के बाद लोगों की परेशानियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने रेलवे, अस्पतालों और रोडवेज बसों आदि विभागों में 500 व 1000 का नोट लेने की छूट दी थी। लेकिन रेलवे स्टेशन टिकट घर पर तैनात बाबू और रोडवेज परिचालक यात्रियों से 500 व 1000 के नोट नहीं ले रहे हैं।
रोडवेज परिचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 500 व 1000 का नोट लेने से कोई गुरेज नहीं है। लेकिन बस में सवार अधिकतर लोग 500 का ही नोट देते हैं, जिससे फुटकर रुपये यात्रियों को वापस करने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने बताया कि रोडवेज विभाग 500 के नोट जमा तो कर रहा है लेकिन खुले नोट उन लोगों को नहीं दे रहा है, जिसके चलते 500 का नोट लेने से इनका करना उनकी मजबूरी बनी है।
विभाग अगर खुले पैसे दे दे तो दिक्कत नहीं आएगी। परिचालक ने बताया कि 500 व 1000 का नोट बंद होने से यात्रियों की संख्या में भी 20 से 30 प्रतिशत की गिरावट आई है।
हर यात्री दे रहा बड़े नोट, टूटे कहां से लाए जाएं-एआरएमपरिचालकों को 500 व 1000 का नोट लेने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन समस्या यह आ रही है कि हर कोई 500 व 1000 के नोट ही दे रहा है। ऐसे में उन्हें वापस करने के लिए खुले पैसे देने में दिक्कत आती है। क्योंकि विभाग खुले पैसे तो उपलब्ध करा नहीं रहा है।
नोट लेने में कोई गुरेज नहीं है लेकिन यात्रियों को भी सोचना चाहिए कि अगर हर कोई 500 या 1000 का नोट देगा तो परिचालक खुले पैसे कहां से लाएगा। उन्होंने जनता से अपील की है कि लंबी दूरी की टिकट लेने पर या फिर 50 से 100 किलोमीटर दूरी की तीन या चार टिकट खरीदने पर ही यात्री 500 का नोट दे, जिससे परिचालक के सामने खुले पैसे देने में दिक्कत नहीं आएगी।
अंकुर वी. आनंद (एआरएम, रोडवेज विभाग फर्रुखाबाद)