उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के एमडी के स्क्वॉयड ने एटा डिपो की अनुबंधित बस को गुरुवार की रात चेक किया। इसमें 66 यात्री सवार मिले। मौका पाकर परिचालक फरार हो गया। 20 यात्रियों के पास अपठित टिकट मिले और 46 के पास थे ही नहीं। टीम ने बस रोडवेज स्टैंड पर खड़ी करा दी। सुबह में दूसरा परिचालक भेजा गया, तब बस एटा को रवाना हुई।
एमडी द्वारा गठित स्क्वॉयड के प्रभारी ट्रैफिक सुपरिन्टेडेंट (टीएस) शेषनरायन सचान, टिकट इंस्पेक्टर (टीआई) आरबी लाल, रामलड़ैते यादव ने फैजबाग के पास गाड़ियों को चेक किया। एटा डिपो की फर्रुखाबाद आ रही अनुबंधित बस संख्या यूपी 76के-8649 को रोका। बस काफी दूर जाकर रुकी, तो परिचालक योगेंद्र राठौर उतरकर भाग गया।
बस में कुल 66 यात्री सवार थे। इनमें से 20 यात्रियों के पास टीम को अपठित टिकट मिले। शेष 46 यात्रियों पर टिकट ही नहीं थे। लिहाजा बस को टीम ने अपनी देखरेख में फर्रुखाबाद डिपो पहुंचाया। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों के अलावा एटा डिपो के एआरएम को भी दे दी गई।
बस को रात में ही वापस जाना था, मगर दूसरा परिचालक नहीं आने से बस रात भर यहीं रुकी रही। सुबह करीब साढ़े नौ बजे एटा डिपो से दूसरा परिचालक संदीप यादव को भेजा गया। इसके बाद बस सुबह साढ़े नौ बजे एटा के लिए रवाना हुई। टीएस शेषनरायन सचान ने बताया कि जो 20 टिकट मिले हैं, उन्हें जब्त कर लिया है।
वह भी फर्जी से दिख रहे हैं। परिचालक मशीन लेकर फरार हो गया। मामले की सूचना एमडी मुख्यालय को दे दी गई है। परिचालक पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बताया कि शमसाबाद थाना पुलिस को भी सूचना दे दी गई है। इधर, शमसाबाद थानाध्यक्ष झाझन लाल सोनकर ने बताया कि फोन आया था। तहरीर मिलेगी, तो रिपोर्ट लिखेंगे। वैसे वह उनका विभागीय मामला है।
डिपो के अफसरों, टीआई की मिलीभगत
फर्रुखाबाद। जिले भर के सभी मुख्य मार्गों पर एआरएम की तरफ से टीआई की ड्यूटी है। एटा रोड पर दो टीआई लगाए गए हैं। इनका काम रोजाना बसों को चेक करना है। अब यहां सवाल उठता है कि एक ही बस में 46 यात्री बिना टिकट मिले और स्थानीय अफसरों को इसकी भनक तक नहीं।
सेवानिवृत्त चालक बना बिचौलिया
एटा रोड पर एक सेवानिवृत्त चालक है, जो एटा डिपो की छह निगम तथा दस अनुबंधित बसों से सेटिंग करवाता है। चालक अभी भी स्थानीय अफसरों का चहेता बना हुआ था। जो बस पकड़ी गई, उसमें भी देर रात तक वही चालक सेटिंग की गोटें बिछाता रहा, मगर सफलता नहीं मिली।