फर्रुखाबाद। लॉकडाउन में स्कूल, कालेज व इंस्टीट्यूट बंद हैं। इसके चलते राजस्थान के जिला कोटा स्थित एक कोचिंग सेंटर के छात्र-छात्राओं सहित 53 लोग 5 बसों से फतेहगढ़ के शेल्टर होम पहुंचे। उनकी रैपिड कार्ड किट से कोरोना जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने से उन्हें परिजनों संग घर भेज दिया गया। उनको 14 दिन तक घर में क्वारंटीन रहने की सलाह दी गई।
राजस्थान के कोटा स्थित कोचिंग सेंटर में जिले के छात्र-छात्राएं मेडिकल की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। लॉकडाउन के चलते छात्र-छात्राओं को घर भेजा जा रहा है। रविवार सुबह से दोपहर 12 बजे तक तीन बसों से 29 छात्र, 14 छात्राएं व 10 परिजन फतेहगढ़ के शेल्टर होम में उतारे गए। वहां तहसीलदार सदर राजू मौजूद थे।
डॉ. स्वास्ति बाजपेई के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम में शामिल एलटी अमृता, योगेंद्र सिंह, अमित ने एक-एक कर सभी की थर्मल स्क्रीनिंग व रैपिड कार्ड किट से कोरोना जांच की। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आयी। उन्हें घर में 14 दिन तक क्वारंटीन रहने की सलाह देकर परिजनों के साथ भेज दिया गया। इससे पूर्व 23 विद्यार्थी शनिवार शाम कोटा से बसों से शेल्टर होम लाए गए थे। जांच के बाद 22 को देर रात परिजन अपने साथ ले गए। एक छात्र रविवार सुबह चला गया।
परिजनों को जांच रिपोर्ट आने तक करना पड़ा इंतजार
शेल्टर होम में कोटा से दो बसें सुबह ही पहुंच गईं। सभी वहां क्वारंटीन कर दिए गए। सूचना मिलते ही परिजन उन्हें लेने पहुंच गए। दोपहर तक जांच चली। फिर रिपोर्ट आने का इंतजार। छात्र-छात्राओं को परिजनों से मिलने के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ा। रिपोर्ट निगेटिव आते ही उनके चेहरे खिल गए और परिजनों के साथ घरों को रवाना हो गए।
सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां
रिपोर्ट निगेटिव आते ही विद्यार्थी परिजनों से मिलने को आतुर हो गए। गेट के बाहर परिजन इंतजार कर रहे थे। विद्यार्थी बैग लेकर एक साथ निकले तो गेट पर भीड़ लगने से सोशल डिस्टेंसिंग के मानक तार-तार हो गए।
आठ लोगों की नहीं हो सकी जांच
कोटा के पांच छात्र-छात्राओं को लेकर एक बस दोपहर बाद शेल्टर होम पहुंची। तब तक स्वास्थ्य कर्मी शेल्टर होम से जा चुके थे। तीन छात्र और दो छात्राओं को शेल्टर होम में क्वारंटीन कर दिया गया। इसके बाद बेवर डिपो की बस से आए चार छात्रों को चालक-परिचालक ने नेकपुर पुल के पास ही उतार दिया।
तीन छात्र पैदल शेल्टर होम पहुंचे। उन्हें क्वारंटीन कर लिया गया। उन्होंने बताया कि चालक ने एक छात्र को बघार, दो को मोहम्मदाबाद व एक छात्र को जहानगंज मोड़ पर उतार दिया गया। वे बिना जांच के ही घर चले गए।