अमृतपुर। करोड़ों रुपये खर्च के बावजूद अन्ना मवेशी अन्नदाताओं की मेहनत पर डाका डाल रहे हैं। अधिकांश अस्थायी आश्रय स्थल खाली पड़े हैं। ग्राम प्रधानों के खातों में भरण-पोषण की धनराशि पहुंचने के बावजूद निराश्रित मवेशी पकड़े ही नहीं जा रहे हैं, बल्कि आश्रय स्थलों में बंद मवेशी भी छोड़ दिए गए। इससे अन्ना मवेशी फसलें बरबाद कर रहे हैं।
किसानों को अन्ना मवेशियों से निजात के लिए जिले में 26 गोसदनों का निर्माण कराया गया। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में अस्थायी गोवंश आश्रय बनाकर इनमें अन्ना मवेशी पकड़कर बंद करने के निर्देश हैं। इसके बावजूद प्रधानों ने शासनादेश को ठेंगा दिखाते हुए न तो अस्थायी आश्रय स्थल बनवाए और न ही गोवंश पकड़वाए। क्षेत्र में बने आश्रय स्थलों में मवेशियों के भरण पोषण को सवासी, तेराअकबरपुर, महमदगंज, सरह, कड़हर, सलेमपुर, चाचूपुर के प्रधानों के खातों में लाखों रुपये भी भेजे जा चुके। इसके बावजूद आश्रय स्थल खाली पड़े हैं। इससे अन्ना मवेशियों से फसलें बचाने के लिए किसानों की नींद हराम है। यदि किसी रात किसान खेत नहीं पहुंचे तो सुबह उनके खेत में मवेशियों के झुंड दिखाई देते और फसलें भी नष्ट कर देते।
किसानों का कहना है कि पसीने की कमाई से तैयार की गई फसलों पर आए दिन मौसम का ग्रहण लग रहा है। कभी आफत बनकर वर्षा होती है तो कहीं ओलों की बौछार। इससे वह लोग फसल तैयार होकर घर पहुंचने तक चिंतित हैं। ऊपर से अन्ना मवेशी फसलों पर कहर बनकर टूट रहे हैं। ग्राम प्रधान मवेशियों को पकड़ने में रुचि नहीं ले रहे हैं। कागजों में गोशाला खोलने के साथ अन्ना मवेशी पकड़कर बांधने की रिपोर्ट भेजी जा रही। इससे किसानों को भले ही राहत न मिले, लेकिन प्रधान व सचिव चारे की धनराशि से मजे उड़ा रहे हैं।
ग्रामसभा चपरा भवन गुडेरा, अमैयापुर रामपुर जोगराजपुर, कंचनपुर संबलपुर, कनकापुर, चाचूपुर, जटपुरा आदि गांव में अन्ना मवेशियों के झुंड के झुंड देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीण रामप्रकाश, अशोक कुमार, जगदीश, सुरेश चंद्र, लज्जाराम, रामतीर्थ, दिनेश चंद्र आदि ने जिलाधिकारी से अन्ना मवेशियों से निजात दिलाए जाने के मांग की है। इसके साथ ही कहा कि जिन आश्रय स्थलों में भरण पोषण की धनराशि भेजी गई, उनमें किसी में भी मवेशी बंद नहीं हैं। पॉलिथीन तानकर बनाए गए अस्थायी आश्रय स्थलों का भी पता नहीं है।
उपजिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि गांव में अन्ना मवेशी पकड़ने के लिए ग्राम प्रधानों से कहा जा चुका है कितने प्रधानों ने अभी तक अन्ना मवेशी पकड़े हैं इसकी रिपोर्ट ली जाएगी।