फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ही दूर बचा है। जिले के 35 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। सबसे ज्यादा अमृतपुर तहसील के 20 गांव प्रभावित हैं। रविवार को गंगा में 1.42 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
शनिवार को जलस्तर 136.85 मीटर पर पहुंच गया। वहीं खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है। बाढ़ से अमृतपुर के 20 गांव, कमालगंज के तीन व शमसाबाद ब्लाक के 12 गांव पानी से घिरे हैं। इससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद है। लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं रामगंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर घटकर 134.70 मीटर पर रह गया है। रामगंगा अभी चेतावनी बिंदु से नीचे हैं। इसमें 5520 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित 20 गांवों के कई घरों में पानी घुस गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर पानी भरने से बंद हो गया है। गंगा आरती का चबूतरा भी पानी में डूब गया।
क्षेत्र का गांव सुंदरपुर, कुछुआ गाढ़ा, आशा की मड़ैया, उदयपुर, कंचनपुर सबलपुर, रामपुर, जोगराजपुर, लायकपुर, बमियारी, अमीराबाद, रतनपुर, कुबेरपुर, कुशामपुर, सैदापुर, गौटिया, भड्डनपुर की मड़ैया, नगला दुर्गू, सवितापुर, ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, तीसराम की मड़ैया, कुड़री सारंगपुर, करनपुर घाट समेत अन्य गांवों में पानी घुस चुका है। रामपुर, जोगाराजपुर, आशा की मड़ैया के ग्रामीण आवागन के लिए नाव की मांग तहसीलदार से की है। गांवों में मवेशियों को चारे की भी खासी दिक्कत है। पांचाल घाट पर गंगा पुत्रों की झोपड़ियों में पानी भर गया। इससे गंगा पुत्र झोपड़ियां खाली कर ऊंचे स्थान पर चले गए।
तहसीलदार संतोष कुमार कुशवाह ने कानूनगो महेंद्र पांडेय के साथ बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के गांव कंचनपुर सबलपुर, रामपुर, जोगराजपुर, ईमादपुर सोमवंशी, तीसराम की मड़ैया, अम्बरपुर, आदि का निरीक्षण किया। तहसीलदार ने बताया कि हरसिंहपुर कायस्थ में 3, तीसराम की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, कंचनपुर सबलपुर, कुडरी सारंगपुर, करनपुर घाट में एक-एक नाव लगाई गई है।
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अमृतपुर। पुलिया का निर्माण बरसात से पहले पूरा न होने से आठ गांवों का रास्ता बंद हो गया है। कंचनपुर सबलपुर में बदायूं मार्ग से ईमादपुर सोमवंशी को जाने वाले मार्ग पर लोकनिर्माण विभाग द्वारा करीब 12 लाख रुपये की लागत से पुलिया बनाई जा रही है। पुलिया का लिंटर डाला जा चुका है। अभी तक खेतों से रास्ता था लेकिन पानी भरने से वह रास्ता बंद हो गया। जोगराजपुर, ईमादपुर सोमवंशी समेत सात गांवों के लोग इसी मार्ग से आते-जाते हैं। पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से अब ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पीडब्ल्यूडी के एई महिपाल सिंह ने बताया कि पुलिया निर्माण हो चुका है। लिंटर पका नहीं इसलिए रास्ता चालू नहीं किया गया।
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गंगा सोता नाला में आ जाने से लीलापुर से किराचन को जाने वाले मार्ग पर तीन फीट से अधिक पानी बह रहा है। छोटे वाहन न निकल पाने से ग्रामीणों को तहसील व जिला मुख्यालय आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हमीरपुर मार्ग पर करीब दो फीट पानी चल रहा है। इससे ग्रामीणो को वाहन निकालने में परेशानी हो रही है। इसी तरह पानी बढ़ा तो कई गांव का आवागमन बंद हो जाएगा।
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गंगा में बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए ग्रामीण बाढ़ के दिनों के लिए भोजन की व्यवस्था करने में जुट गए हैं। आशा की मड़ैया के लालू, विजयपाल, महाराम, नन्हें, सोबरन, गिरंद, नरवीर आदि ग्रामीण अस्थाई आटा चक्की को गांव में बुलवाया। इससे गेहूं पिसवाने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
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फर्रुखाबाद। रविवार को गांव फुलहा, मुंशी नगला, नगरिया, भगवानपुर, बसोला नगला में पानी भरने से एसडीओ के निर्देश पर अवर अभियंता ने बिजली काट दी है। इन गांवों को चपरा फीडर से बिजली दी जाती है।(संवाद)