शमसाबाद। गंगा में आई बाढ़ से अब तक समैचीपुर चितार के 35 पक्के मकान और 18 झोपड़ियां कटान में बह चुकी हैं। शनिवार रात तीन पक्के मकान गंगा की धार में कट गए। दो अन्य ग्रामीणों के मकान भी कटने की कगार पर हैं। दहशत के साये में ग्रामीण अपना सामान नाव व मोटर बोट से सुरक्षित स्थान पर ले जाने में जुटे हैं।
गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने से फिर गांवों में जलभराव शुरू हो गया। समैचीपुर चितार गांव में गंगा की धार ने कटान तेज कर दिया है। शनिवार रात कमरुद्दीन, निशार और ईडुल के पक्के मकान गंगा में समा गए। इरशाद और इकलास के मकानों को गंगा की धार तेजी से काट रही है।
ग्रामीणों को आशंका है कि कटान की गति इसी तरह जारी रही तो अन्य मकान भी गंगा में समा जाएंगे। ग्राम प्रधान ताराबानो ने बताया कि गांव में कटान ने तेजी पकड़ ली है। गंगा के मुहाने वाले मकानों को खाली करवाया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों की पूरी मदद की जाएगी।