32वां मानस सम्मेलन कल से
फर्रुखाबाद। इस बार मानस सम्मेलन का आयोजन 22 नवंबर से होगा। कार्यक्रम संयोजक डॉ. रामबाबू पाठक ने ये जानकारी देते हुए कहा, बिना शरीर के किसी भी धर्म का पालन नहीं हो सकता। इसलिए सबसे पहले हमें शरीर की रक्षा करनी है। इस बार के सम्मेलन में प्रतिदिन शरीर की सुरक्षा पर व्याख्यान होगा।
मानस विचार समिति की देखरेख में 32वें मानस सम्मेलन का आयोजन पंडाबाग के हाल में होगा। संयोजक ने शुक्रवार को यहां कहा कि प्राकृतिक आपदा का दौर है। ऐसे में धैर्य के साथ नियमों का पालन कर बचाव करना जरूरी है। कहा कि कथा का उद्देश्य खुद के साथ समाज और राष्ट्र की सुरक्षा करना भी है।
जालौन के ईश्वरदास ब्रह्मचारी, बरेली के ब्रजेश पाठक, बांदा के रामगोपाल तिवारी, झांसी के अरुण गोस्वामी और उरई के मिथलेश दीक्षित आयोजन के मुख्य वक्ता होंगे। धैर्य एवं शौर्य, माया एवं जगत, कर्म प्रधान, शिव चरित्र, सुख-दुख, समय-कुसमय, ईश्वर एवं जीव, भक्त हनुमान समेत 11 बिंदुओं पर वक्ता अपने विचार रखेंगे।
उन्होंने बताया कि जानकी विवाह, राम राज्याभिषेक विशेष उत्सव मनाए जाएंगे। बिना मास्क कथा श्रवण नहीं कर सकेंगे। मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था होगी। सूर्य पूजन दोपहर एक से दो बजे तक होगा। कथा आयोजन प्रतिदिन दोपहर एक से शाम छह बजे तक चलेगा। इस मौके पर ज्योति स्वरूप अग्निहोत्री, सुजीत पाठक उर्फ बंटू आदि थे।