फर्रुखाबाद। टीबी के खात्मे के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पर, जिले में वर्ष 2017 की तुलना में 2018 में टीबी के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। यह चिंता का विषय है।
केंद्र सरकार 2025 तक टीबी खत्म करने का प्रयास कर रही है। इसके लिए टीबी मरीजों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। दूसरी ओर टीबी के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्ष 2017 की तुलना में 2018 में दोगुने मरीज टीबी का इलाज करवाने पहुंचे हैं। जहां वर्ष 2017 में 1694 मरीज जिला क्षय रोग अस्पताल पहुंचे थे, वहीं 2018 में 3304 लोग इलाज करवाने पहुंचे।
महिलाओं की तुलना में पुरुषों में टीबी ज्यादा हो रही है। 2017 के आंकड़ों के अनुसार 1694 में से 1129 पुरुष टीबी मरीज थे। वहीं, वर्ष 2018 में 3304 मरीजों में से 2071 पुरुष हैं।
सरकारी अस्पताल में ज्यादा मरीज
वर्ष 2018 में सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों की संख्या प्राइवेट की तुलना में बहुत ज्यादा है। 2018 में 3304 में से 489 मरीजों ने ही प्राइवेट चिकित्सकों से टीबी का इलाज कराया है। अन्य 2815 टीबी के मरीज जिला क्षय रोग अस्पताल या फिर किसी डॉटस सेंटर में इलाज कराने पहुंचे हैं।
वर्जन
पहले मरीजों को ढूंढा नहीं जा पा रहा था। अब मरीजों को ढूंढने का अभियान चल रहा है। इसलिए मरीजों की संख्या ज्यादा दिख रही है। - डॉ. सुनील मल्होत्रा, जिला क्षय रोग अधिकारी