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प्रसाद खाने से 30 बीमार

Sat, 12 Sep 2015 11:12 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
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जहानगंज इलाके के मधवापुर गांव में ठाकुर जी मंदिर में हुई कान्हा की छठी का बासी प्रसाद खाने से बच्चों समेत 30 लोग बीमार हो गए। सभी को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर आठ लोगों को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में इनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मंदिर के पुजारी को हिरासत में ले लिया है।
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जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव मधवापुर में ठाकुर जी मंदिर है। यहां कई दिनों से भक्ति कार्यक्रम चल रहा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से शुरू हुए इस कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण की छठी का कार्यक्रम मनाया गया। इस दौरान तमाम धार्मिक कार्यक्रम हुए।  मंदिर में कढ़ी, चावल, सब्जी और पूड़ी का प्रसाद बना। देर रात तक प्रसाद वितरण हुआ।

भक्तों के जाने के बाद काफी संख्या में प्रसाद बच गया। मंदिर के पुजारी ने बचा हुआ कमरे में रखवाकर ताला बंद कर दिया। शनिवार सुबह करीब 9 बजे फिर मंदिर में भक्तों की भीड़ जुटी। पूजन के बाद रात का बचा हुआ प्रसाद भक्तों में बांटा गया। प्रसाद लेने के बाद लोग घर चले गए। कुछ देर बाद प्रसाद खाने वाले बच्चों के साथ ही करीब 30 लोग की तबीयत
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खराब हो गई। उन्हें पेट दर्द के साथ ही उल्टी दर्द होने लगी। इससे गांव में हलचल मच गई। तमाम लोगों के बीमार होते ही ग्राम प्रधान ने पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों की मदद से ग्राम प्रधान रामनक्षत्र ने प्राइवेट वाहनों और 108 एंबुलेंस से बीमार हुए 30 लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज पहुंचाया। यहां सभी का इलाज शुरू किया गया। इस बीच आठ लोगों

की तबीयत में सुधार नहीं हुआ। हालत गंभीर देख चिकित्सक ने आठ लोगों को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने मंदिर के पुजारी श्रीकृष्ण को हिरासत में ले लिया है। चिकित्सक के मुताबिक फूड प्वायजनिंग होने की वजह से लोगों की

तबीयत खराब हुई। थानाध्यक्ष का कहना है कि पुजारी से पूछताछ में की गई। प्रसाद के बासी होने की वजह से लोग बीमार हुए हैं। यदि किसी ने तहरीर दिया तो इसके लिए जिम्मेदार पुजारी के  खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बासी प्रसाद खाने से बिगड़ी हालत
इलाके के मधवापुर गांव में ठाकुर जी मंदिर में हुई कान्हा की छठी का बासी प्रसाद खाने से 30 लोगों के बीमार होने के बाद गांव में हलचल मच गई। लोगों का कहना था कि गर्मी में प्रसाद रातभर कमरे में बंद रहा। इस वजह से उसे खाते ही लोग बीमार हो गए।

मामले की जानकारी मिलते ही सांसद मुकेश राजपूत भी सीएचसी पहुंच गए। तीमारदारों ने सांसद से शिकायत की कि अस्पताल में मौजूद चिकित्सक श्रीकांत बचानी मरीजों को देखने नहीं आए। डा. ममता अरुण और डा. निशी गौड़ भी चली गईं। सूचना मिलने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मानसिंह वर्मा और डा. निरंजन अस्पताल पहुंचे और उन्होंने मरीजों को

भर्ती किया। सांसद ने मामले की शिकायत सीएमओ से की। उधर, बीमार लोगों को रोहिताश वर्मा, रिंकू कटियार और फतेहचंद्र वर्मा ने निजी वाहनों से बीमार लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और लोहिया अस्पताल भिजवाया।

ये हुए बीमार
दिवारीलाल के बच्चे अनमोल, श्लोक, संजेश, विकास, अनामिका, सौरभ पुत्र शैतान, राजकुमारी पुत्री राजेंद्र कुमार, जमुना पुत्री महेश कुमार, रिषभ पुत्र हरिओम, आशा पुत्री मुकेश, हरिओम पुत्र अनिल, साहिल पुत्र आमिर, शालिनी पुत्री कौशलेंद्र, शिवशंकर पुत्र वेदराम, कुन्नू पुत्र प्रकाश, शीबू पुत्र सुनील कुमार और रुचि पुत्री लड़ैते समेत 30 लोग।
 
ये लोग किए गए लोहिया ािफर
शिवम, हरिओम, रुचि, संगीता, शिवशंकर, रिषभ, इंद्रेश और राजेश कुमार।
 
पुजारी व महिला पर जहर मिलाने का आरोप
 ग्रामीणों ने पुजारी और मंदिर में आने वाली गांव की ही एक महिला पर प्रसाद में जहर मिलाने का आरोप लगाया है। फिलहाल किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। गांव मधवापुर स्थित ठाकुर जी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की छठी का प्रसाद खाने से लोगों के बीमार होने के मामले में ग्रामीणों ने पुजारी श्रीकृष्ण और उर्मिला देवी पत्नी गिरंद पर जहर मिलाने का

आरोप लगाया। इनका कहना था कि गांव के ही हंसराम सुबह 7 बजे प्रसाद ले गए थे। हंसराम और उनके परिवार के सभी लोगों ने प्रसाद खाया। उनके यहां कोई बीमार नहीं पड़ा। सुबह 9 बजे जब यही प्रसाद बांटा गया तो 30 लोगों की तबियत बिगड़ गई। आरोप लगाया कि पुजारी और महिला ने प्रसाद में जहर मिलाया है। पुलिस पुजारी से पूछताछ कर रही है।

दरोगा मिश्रीलाल ने बताया कि ग्रामीण पुजारी और महिला पर जहर मिलाने का आरोप लगा रहे हैं।  कोई तहरीर नहीं दे रहा है। ामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
 
प्रधान समेत कई लोगों ने बनाया था प्रसाद
छठी में प्रधान रामनक्षत्र, सर्वेश कुमार, रामनरेश, नेकराम, दीनदयाल, मनोज कुमार, अश्वनी और दामोदर ने सहयोग किया। इन्हीं लोगों ने छठी का प्रसाद कढ़ी, चावल, सब्जी और पूड़ी बनाई। प्रधान का कहना था कि प्रसाद में छिपकली तो नहीं पड़ गई। इसी के चलते वह जहरीला हो गया। वैसे उन लोगों ने काफी स्वच्छता से प्रसाद बनाया था।
 
बीमार बच्चों को हाथों में लेकर वार्ड में पहुंचे तीमारदार
प्रसाद खाने से बीमार महिला समेत आठ मरीजों के लोहिया अस्पताल आते समय हड़कंप मच गया। एडीएम, सीएमओ समेत आलाधिकारी अस्पताल पहुंचे। डाक्टरों की टीम के अलावा सीएमओ मरीजों को बोतल लगा रहे थे। तीमारदार मरीजों को अपने हाथों से वार्ड में शिफ्ट कर रहे थे।

मधवापुर के ठाकुरद्वारा में शनिवार को एक दिन बासी प्रसाद बांटा गया था। हालत बिगड़ने पर गांव के शिवशंकर, रिषभ, विमलेश, राजेश समेत आठ मरीजों को लोहिया अस्पताल लाया गया। घटना की सूचना मिलने पर भाजपा सांसद मुकेश राजपूत, एडीएम मनोज सिंघल, सीएमओ डा. राकेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट बीडी वर्मा, सीएमएस डा. बीबी पुष्कर के अलावा महिला अस्पताल के डा. कैलाश कुमार समेत अन्य स्टाफ मरीजों की देखरेख में जुट गया। अफसरों के आने की भनक पर

आपातकालीन वार्ड में नई चादरें बिछाई गईं। कुछ मरीजों को चादरें तक नसीब नहीं हुईं। डाक्टरों के अलावा सीएमओ डा. राकेश कुमार भी मरीजों को बोतलें लगा रहे थे। बच्चों को वार्ड में भर्ती के लिए स्ट्रेचर नहीं मिल पाया। तीमारदारों ने बच्चों को हाथों में लेकर आपातकालीन कक्ष में भर्ती किया।
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