फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांशीराम कालोनी में आवंटन के दस साल बाद भी नहीं खुले 250 आवास

विज्ञापन
हैवतपुर गढ़िया स्थित कांशीराम कालोनी। - फोटो : FARRUKHABAD
विज्ञापन
गरीबों को आवास मुहैया कराने की शासन की मंशा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। हैवतपुर गढ़िया में बनी कांशीराम कॉलोनी में 1200 से अधिक आवास हैं। इनमें से करीब 250 ऐसे हैं, जिनमें आवंटन के बाद यानी करीब 10 साल से ताले ही पड़े हैं। इससे साफ है कि इन लोगों को आवास की जरूरत ही नहीं थी। फिर भी जुगाड़ के चलते उन्होंने अपने नाम आवास आवंटित करवा लिया और ताले डालकर अपने घर चले गए।
विज्ञापन

बसपा सरकार ने वर्ष 2008 में गरीबों को छत मुहैया कराने की मंशा से कांशीराम कॉलोनियों का निर्माण कराया था। यहां तहसील से दो किमी दूर गांव हैवतपुर गढ़िया में कॉलोनी बनाई गई। आवंटन के वक्त जमकर धांधली बरती गई।
इसी का नतीजा है कि 10 साल से अधिक समय बीतने के बावजूद करीब 250 आवासों के ताले तक नहीं खुले हैं। जबकि दूसरी तरफ तमाम ऐसे गरीब हैं, जिनके पास खुले आसमान के सिवा कोई व्यवस्था नहीं है। उन्हें एक अदद आवास तक मुहैया नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

कब्जा कर बेच रहा दबंगों का ग्रुप
कॉलोनी में आधा दर्जन से अधिक दबंगों का ग्रुप है। यह बंद आवासों को चिह्नित करके उसके ताले तोड़कर कब्जा कर लेते हैं। इसके बाद ग्राहकों को 40 से 50 हजार रुपये में बेच देते हैं। आवास बिक जाने की भनक लगने पर असली मालिक आता भी है, तो सत्ता की धौंस देकर उनका मुंह बंद कर दिया जाता है।
असली मालिकों ने भी बेच दिए 100 आवास
इन 10 सालों में करीब 100 लोग ऐसे बताए जा रहे हैं, जिन्होंने अपना मकान बनवा लिया अथवा जिनके पास पहले से था, उन लोगों ने खुद मोटी रकम लेकर आवास को दूसरों को दे दिया है। जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है।
‘आवंटन के बाद से कॉलोनियां बंद होने, नियम विरुद्ध बेच देने की शिकायतें मिली थीं। उन्होंने उच्चाधिकारियों को संस्तुति कर दी है। शीघ्र ही इसकी जांच कराई जाएगी।’
-जयविजय सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा।
‘जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सदर, ईओ नगर पालिका, पीओ डूडा और मऊदरवाजा थानाध्यक्ष की टीम बना दी गई है। यह टीम जांच करके 15 दिन में अपनी आख्या देगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।’
विज्ञापन

-विवेक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम/पीडी, डूडा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें