बरसात में देरी और पानी कम बरसने के आकलन पर किसानों ने खरीफ की फसलें बोने
में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है। जिले में इस बार 55,811 हेक्टेयर रकबा
में खरीफ की फसलों की बुवाई का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष किसानों ने 48519
हेक्टेयर रकबा में ही बुवाई की है। 7229 हेक्टयर रकबा खाली छोड़ दिया गया।
कम बरसात से
फसलों की पैदावार में गिरावट भी आंकी जा रही है। इस बार
जुलाई में बरसात हुई। यह औसत से काफी है। इससे किसानों ने देरी से बुवाई
शुरू की और जरूरत भर ही खेतों में बीज डाले। इससे लक्ष्य पूरा नहीं हो
पाया। 7292 हेक्टेयर रकबे को बिना बुवाई के खाली छोड़ दिया। इस बार 4181
हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की बुवाई नहीं हुई। मक्का
के 1065, बाजरा के
1669, अरहर के 105, उर्द केे 46, मूंग के 5 हेक्टेयर व मूंगफली के 47
हेक्टेयर रकबे में किसानों ने बुवाई नहीं की। फसल बोने वाले किसान भी
मुश्किल में हैं। इन्हें सिंचाई पर मोटा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। बिजली
की कटौती चल रही है। डीजल से सिंचाई महंगी है। बादल आते हैं लेकिन बिना
बरसे निकल जाते हैं।
बरसात न होने से पैदावार प्रभावित होने का अंदेशा है। जिला
कृषि अधिकारी एके सचान का कहना है कि बरसात में देरी से बुवाई का लक्ष्य
पूरा नहीं हो पाया। पानी कम बरसा है। इससे 20 से 25 फीसदी उत्पादन प्रभावित
होने की आशंका है।
फसल लक्ष्य (हेक्टेयर ) बुवाई (हेक्टेयर )
धान 12314 8133
मक्का 32460 31395
ज्वार 961 897
बाजरा 3800 2131
उर्द 1319 1273
मूंग 57 52
अरहर 1483 1378
मूंगफली 745 698
तिल 2672 2562
2012-2013 से 2015-2016 में बारिश (जून और जुलाई)
जून माह
वर्ष 2012-13 2013-14 2014-15 2015-16
जून 0 175.13 मिमी. 0 25.36 मिमी.
जुलाइर् 135.67 मिमी. 234.46 मिमी. 95.31 मिमी. 146.27 मिमी.
इस महीने औसत बरसात
6 जुलाई 31.13 मिमी.
7 जुलाई 37.33 मिमी.
8 जुलाई 2.86 मिमी.
9 जुलाई 7.46 मिमी.
11 जुलाई 11.3 मिमी.
12 जुलाई 34.86 मिमी.
13 जुलाई 10.9 मिमी.