फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

23 वर्ष बाद लौटे बेटे को देख मां के छलके आंसू

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहम्मदाबाद। 23 बरस बाद बेेटे को सामने पाकर मां की खुशी के आंसू छलक पड़े। कस्बे के मोहल्ला राजीव नगर निवासी लाइनमैन का बेटा सामोद घर पहुंचा तो मां सोनतारा गले लगाकर रो पड़ी। फिल्मों में स्क्रिप्ट राइटर बनने की आस में वह मुंबई चला गया था।
विज्ञापन

मोहल्ला निवासी बिजली विभाग में लाइनमैन रहे मुंशीलाल राजपूत की 1991 में मौत हो गई थी। उनके नौ बच्चों में पांच पुत्र व चार पुत्रियां हैं। 23 वर्षीय पुत्र सामोद बीएससी करने के बाद तीन जनवरी 1998 को बिना बताए घर से कहीं चला गया था। काफी खोजबीन के बाद उसका पता नहीं चल सका।
मां व भाइयों ने सामोद के लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी। मंगलवार को अचानक सामोद फर्रुखाबाद आ गया और मोहल्ला तलैया निवासी बुआ के घर पहुंचा। बुआ ने सामोद की मां को फोन कर जानकारी दी। मां ने बेटे पंकज को भेजकर सामोद को बुलवाया।
विज्ञापन

सामोद ने बताया कि वह फिल्मों में भविष्य तलाशने मुंबई गया था। शुरुआत में मार्केटिंग की। फिर कोचिंग पढ़ाने के साथ फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट भी लिखने लगा। उसने मराठी मूवी ओलख माय आइडेंटिटी व वेब सीरीज
जालसाजी भी लिखी। लॉकडाउन के बाद रोजगार न मिलने से वह आर्थिक रूप से परेशान होकर घर लौट आया। मां ने बताया कि अब वह सामोद को कहीं नहीं जाने देंगी। सभी पुत्रों की शादी हो चुकी है। सामोद की उम्र अब 46 वर्ष है। सामोद ने बताया अब वह मां के पास ही रहकर कोई काम करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें