आयुष्मान भारत योजना में मरीजों से लगातार अवैध वसूली के मामले सामने आ रहे हैं। फील्ड ऑडिट के दौरान फर्रुखाबाद की एक लाभार्थी से कानपुर के सरकारी अस्पताल में रुपये वसूले जाने का मामला सामने आया है।
शहर के सातनपुर भोपा पट्टी निवासी राजू प्रजापति मजदूर है। वह आयुष्मान योजना का लाभार्थी है। उसकी पत्नी कांति देवी नवंबर में घर पर काम करते समय गिर गई थी। इस पर परिजन उसे लोहिया अस्पताल ले गए। वहां बताया गया कि उसका कूल्हा टूट गया है और कानपुर रेफर कर दिया गया।
परिजन उसे कानपुर स्थित उर्सला अस्पताल ले गए। तब तक उनके परिवार के पास आयुष्मान योजना का कार्ड नहीं था। उन्हें वहां पर ऑपरेशन करवाने का अच्छा खासा खर्च बताया गया। इस पर वह लोग मरीज को लेकर वापस फर्रुखाबाद आ गए।
करीब एक माह बाद रुपये की व्यवस्था कर वह कानपुर के एक सरकारी अस्पताल गए। वहां उनका आयुष्मान योजना का कार्ड बना दिया गया। इसके बावजूद अस्पताल के कर्मचारियों ने उनसे कई मदों में रुपये ले लिए। इसके एवज में उन्हें कोई रसीद भी नहीं दी गई।
इतना ही नहीं उन्हें दवाएं भी बाहर से लिखीं गईं। शुक्रवार को फील्ड ऑडिट करने गए डीपीसी (डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कोआर्डिनेटर) के सामने कांति देवी की बेटी कृतिका ने वसूली करने के यह आरोप लगाए। कहा कि अस्पताल में उनसे करीब 45 हजार रुपये खर्च करवा लिए गए।
क्या है फील्ड ऑडिट : आयुष्मान योजना में लगातार गड़बड़ियों की शिकायतों के चलते शासन ने सभी डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर को फील्ड में जाकर इलाज करवाकर आए लोगों से जानकारी लेने का काम सौंपा है। उन्हेें इलाज सही मिला या नहीं। किसी प्रकार की वसूली तो नहीं की गई।
ज्यादा दिन भर्ती तो नहीं रखा गया आदि की जानकारी लेना उनकी जिम्मेदारी है। डीपीसी डा. अमित मिश्रा ने बताया कि मौके पर जाकर मरीज व उसके परिजनों से बात की गई। मरीज ने अस्पताल में रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
आयुष्मान लाभार्थी ने अस्पताल में वसूली का लगाया आरोप
कानपुर के अस्पताल में किया गया इलाज, फील्ड ऑडिट में हुआ खुलासा