फर्रुखाबाद। छपाई कारखानों की बंदी से गुस्साए कारखाना मालिकों और मजदूरों ने सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर का घेराव किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जैसे-तैसे समझाकर शांत किया। कारखाना मालिकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कारखाना चालू करवाए जाने की मांग की है।
कारखाना मजदूर सोमवार सुबह अंगूरीबाग मोहल्ला में एकत्र हुए। यहां से सभी लोग जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट के लिए निकल पड़े। रास्ते में छपाई कारखाना मालिक भी जुलूस में शामिल हो गए। मुख्यमार्गों से होता हुआ जुलूस कलक्ट्रेट पहुंचा और गेट के बाहर बैठकर जिला प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। गेट पर हो रहे प्रदर्शन की सूचना पर एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ सिटी रामलखन सरोज और फतेहगढ़ व फर्रुखाबाद कोतवाली का फोर्स मौके पर पहुंच गया और गेट से हटा दिया। इसके बाद सभी लोग कलक्ट्रेट परिसर के अंदर चले गए और नारेबाजी करने लगे।
सिटी मजिस्ट्रेट रामअक्षयवर चौहान ज्ञापन लेने आए तो छपाई कारखाना मालिकों और मजदूरों ने यह कहते हुए ज्ञापन देने से मना कर दिया कि वह लोग डीएम को ही ज्ञापन देंगे। कुछ देर बाद जिलाधिकारी मोनिका रानी भी कार्यालय पहुंच गईं। कारखाना मालिकों का कहना था कि कारखाने बंद होने से हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए। उन्होंने बिजली कनेक्शन जुड़वाकर कारखाना चालू करवाने की मांग की। डीएम ने कहा कि शासन के आदेश पर कार्रवाई की जा रही है। लक्ष्मण सिंह, सोनू कुशवाह, रामसागर, राजेश पाठक, रामकुमार, अशोक कुमार, मलिखान, रामकिशन और राधेकिशन आदि मौजूद रहे।
प्रदर्शन के चलते जाम की बनी स्थिति
फर्रुखाबाद। छपाई कारखाना मालिकों और मजदूरों ने मुख्यमार्गों पर जगह-जगह धरना-प्रदर्शन किया। भारी हुजूम के चलते मुख्यमार्गों पर जाम की स्थिति भी बनी रही।
अंगूरीबाग, आवास विकास तिराहा और लालदरवाजा समेत कई मुख्यमार्गों पर सड़क पर धरना-प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। जुलूस में शामिल भारी हुजूम के चलते सुतहट्टी, घुमना बाजार, फतेहगढ़ चौराहा, लालदरवाजा, रोडवेज बस स्टैंड, आवास विकास तिराहा, कर्नलगंज चौकी भोलेपुर और बढ़पुर मंदिर आदि के पास कई बार जाम की स्थिति बनी। हालांकि जुलूस के साथ मौजूद पुलिस जाम खुलवाती नजर आई। ब्यूरो
उद्योग बचाने के लिए बनाई जाएगी रूपरेखा
फर्रुखाबाद। वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्थान की बैठक सोमवार को अमेठी जदीद स्थित कार्यालय में हुई। बैठक में अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने कहा कि जिले में करीब 200 छपाई कारखाना हैं और इनमें हजारों मजदूर काम कर रहे हैं। पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की दोहरी नीति के चलते इस उद्योग पर बंदी के बादल मंडराने लगे हैं। उन्होंने कहा कि छपाई उद्योग को बचाने के लिए अग्रिम रणनीति बनाई जाएगी। कुछ लोग छपाई मजदूरों और मालिकों की लड़ाई लड़ने के बजाय अपने हित को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अध्यक्ष ने बताया कि गलत क्रियाकलापों के चलते सचिव जुबैर अंसारी को संगठन से हटा दिया गया है। राममुरारी शुक्ल और पृथ्वीनरायन आदि मौजूद रहे। ब्यूरो