विधानसभा चुनाव निपटते ही माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यूपी बोर्ड परीक्षा कराने के लिए कमर कस ली है। इस बार नकलचियों से सख्ती से निपटने का दावा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय कर रहा है। नकल रोकने के लिए परिषदीय स्कूलों के 2000 टीचर लगाए जाएंगे।
अच्छे अंक हासिल करने के लिए छात्रों के साथ ही उनके अभिभावक भी नकल की जुगाड़ में लग गए हैं। शिक्षा माफियाओं को मुंह मांगे रुपये इसके लिए दिए जाते हैं।
डीआईओएस कमलेश बाबू का कहना है कि ज्ञान के मामले में कमजोर छात्रों को रोजगार मिलने में परेशानी होती है। इस बार नकल विहीन परीक्षा कराने के पुख्ता इंतजाम किया जाएगा। बीएसए संदीप चौधरी को पत्र भेजकर परिषदीय टीचर मांगे हैं।
टीचरों के नाम, पता, तैनाती स्थल, मोबाइल नंबर समेत तीन-तीन पासपोर्ट साइज फोटो का ब्यौरा मंगाया है। परीक्षा ड्यूटी में लगे टीचरों के फोटोयुक्त पहचान पत्र बनेंगे।
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फर्रुखाबाद। माध्यमिक विद्यालय सहायता प्राप्त के संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ट्रेंड शिक्षकों की ड्यूटी ही कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाएं। दो-दो रजिस्टर बनाकर उनका ब्यौरा उसमें दर्ज करें। परिचय पत्र के साथ ही एक फोटो रजिस्टर पर भी कक्ष निरीक्षक की होनी चाहिए। इससे मनमाने तरीके से कक्ष निरीक्षक लगाकर नकल कराने पर ब्रेक लगेगा।