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ग्रामीण के खाते से छह दिन में निकल गए 2.40 लाख रुपये

Tue, 13 Mar 2018 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
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पीड़ित सत्यपाल - फोटो : अमर उजाला
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राजेपुर (फर्रुखाबाद)। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखा राजेपुर में ग्रामीण के खाते से छह दिन में 40-40 हजार कर 2.40 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसकी जानकारी ग्रामीण को बैंक मित्र से पांच हजार रुपये खाते से निकालने के दौरान हुई। ग्रामीण ने बैंक मैनेजर पर  धोखाधड़ी कर रुपये निकालने का आरोप लगाया है। इसकी तहरीर थाने में दी है। पुलिस इस मामले की जांच कर रहीं है।गांव तुषौर निवासी सत्यपाल का पुत्र रवि दिल्ली में प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी करता था। उसकी नौकरी के दौरान 28 जुलाई 2017 को मौत हो गई थी। कंपनी के मालिक ने रवि के पिता सत्यपाल को 4.75 लाख रुपये मुआवजा बतौर चेक के माध्यम से दिए थे। सत्यपाल ने बैंक खाते में चेक जमा की थी। आवश्यकता पड़ने पर सत्यपाल ने कुछ रुपये खाते से निकाले। दिसंबर 2017 तक उसके खाते में 3.79 लाख रुपये थे। इसके बाद उसने खाते से कोई निकासी नहीं की। सोमवार को वह बैंक से पांच हजार रुपये निकालने के लिए बैंक पासबुक लेकर गया। बैंक मित्र के माध्यम से पांच हजार रुपये खाते से निकाले तो उसको खाते का विवरण मिला। उसको देखकर सत्यपाल चकित रह गया। उसके खाते से 2.40 लाख रुपये निकल गए। यह रुपये 17, 18, 19, 20 जनवरी को 40-40 हजार कर निकाले गए। इसके बाद 23 व 24 जनवरी को फिर से 40-40 हजार रुपये निकाले गए। सत्यपाल ने इसकी शिकायत बैंक मैनेजर दाताराम से की। दाताराम ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तो उसमें सत्यपाल के बैंक में आने का कोई मामला नहीं दिखाई दिया। यह रुपया विड्राल से निकाला गया है। सत्यपाल ने बैंक मैनेजर पर धोखाधड़ी कर खाते से रुपये निकालने का आरोप लगाया है। सत्यपाल ने बताया कि वह बैंक नहीं आया, इसके बाद भी उसके खाते से रुपये निकल गए। उसकी पासबुक में कोई इंट्री भी नहीं है।

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खाते से 2.40 लाख रुपये निकलने के मामले की जांच की जा रही है। पैसा कैसे निकला इसका मामला जल्द पता चल जाएगा। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
दाताराम, बैंक मैनेजर

बैंक खाते से 2.40 लाख रुपये की तहरीर मिली है। इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।  अंगद सिंह, एसओ राजेपुर
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पहले भी हो चुकी है बैंक में गड़बड़ियां
फर्रुखाबाद। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखा राजेपुर में खाते से फर्जी तरीके से रुपये निकलने की यह घटना नई नहीं है। इससे पूर्व भी बैंक में गड़बड़ियों के मामले सामने आ चुके है। गांव तुषौर निवासी अश्वनी कुमार के नाम से बैंक में फर्जी खाता खुल गया था। इसमें फोटो दूसरे व्यक्ति की लगी थी और एक दलाल की गारंटी थी। अश्वनी कुमार पर करीब 65 हजार रुपयों का लोन दिखाया गया था। 2015 में जब अश्वनी कुमार बैंक से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने गए तो पता चला कि उस पर 65 हजार रुपये लोन है। यह मामला उठने पर शाखा प्रबंधक ने जांच कर मामले को रफादफा कर अश्वनी को अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया था। गांव तुषौर निवासी रामशंकर के नाम भी फर्जी लोन हो गया था। इसका भी मामला पकड़े जाने पर रफा दफा किया गया था।

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