राजेपुर (फर्रुखाबाद)। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखा राजेपुर में ग्रामीण के खाते से छह दिन में 40-40 हजार कर 2.40 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसकी जानकारी ग्रामीण को बैंक मित्र से पांच हजार रुपये खाते से निकालने के दौरान हुई। ग्रामीण ने बैंक मैनेजर पर धोखाधड़ी कर रुपये निकालने का आरोप लगाया है। इसकी तहरीर थाने में दी है। पुलिस इस मामले की जांच कर रहीं है।गांव तुषौर निवासी सत्यपाल का पुत्र रवि दिल्ली में प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी करता था। उसकी नौकरी के दौरान 28 जुलाई 2017 को मौत हो गई थी। कंपनी के मालिक ने रवि के पिता सत्यपाल को 4.75 लाख रुपये मुआवजा बतौर चेक के माध्यम से दिए थे। सत्यपाल ने बैंक खाते में चेक जमा की थी। आवश्यकता पड़ने पर सत्यपाल ने कुछ रुपये खाते से निकाले। दिसंबर 2017 तक उसके खाते में 3.79 लाख रुपये थे। इसके बाद उसने खाते से कोई निकासी नहीं की। सोमवार को वह बैंक से पांच हजार रुपये निकालने के लिए बैंक पासबुक लेकर गया। बैंक मित्र के माध्यम से पांच हजार रुपये खाते से निकाले तो उसको खाते का विवरण मिला। उसको देखकर सत्यपाल चकित रह गया। उसके खाते से 2.40 लाख रुपये निकल गए। यह रुपये 17, 18, 19, 20 जनवरी को 40-40 हजार कर निकाले गए। इसके बाद 23 व 24 जनवरी को फिर से 40-40 हजार रुपये निकाले गए। सत्यपाल ने इसकी शिकायत बैंक मैनेजर दाताराम से की। दाताराम ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तो उसमें सत्यपाल के बैंक में आने का कोई मामला नहीं दिखाई दिया। यह रुपया विड्राल से निकाला गया है। सत्यपाल ने बैंक मैनेजर पर धोखाधड़ी कर खाते से रुपये निकालने का आरोप लगाया है। सत्यपाल ने बताया कि वह बैंक नहीं आया, इसके बाद भी उसके खाते से रुपये निकल गए। उसकी पासबुक में कोई इंट्री भी नहीं है।