लोहिया अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधाएं बेपटरी हैं। हाल यह है कि माहभर से मुफ्त में मरीजों को दी जाने वाली दवाएं स्टाक में नहीं हैं। सोमवार को एंटी रैबीज इंजेक्शन न होने से मरीजों ने हंगामा कर दिया। दवा काउंटर पर भी मरीजों और स्टाफ के बीच नोकझोंक हो गई।
लोहिया अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भीड़ सुबह से ही होने लगी थी। ओपीडी में 1482 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। दवा लेने के लिए लगी भीड़ होने पर मौजूद होमगार्डों ने महिला-पुरुषों की अलग लाइन लगवाई। अस्पताल में काफी लंबी लाइन लग गई। फिजीशियन डॉक्टर अशोक कुमार के कक्ष में भी मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। वहीं एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए आए विनोद कुमार, पुत्तूलाल, श्यामादेवी, संतोषी देवी को जब पता चला कि एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म हो गए तो मरीजों ने वहां पर हंगामा करना शुरू कर दिया। कुछ मरीजों ने बताया कि वह अपना पहला इंजेक्शन लगवाने के लिए आए। एक मरीज ने बताया कि वह दूसरा इंजेक्शन लगवाने के लिए आए थे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजेश तिवारी, सर्जन डॉक्टर गौरव मिश्रा, हृदयरोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज पांडेय के कक्षों में भी मरीजों की भीड़ जमा थी। मरीज अपने को पहले दिखाने के लिए आपस में धक्कामुक्की कर रहे थे। इसके साथ ही दवा काउंटर पर मरीजों ने दवा लेने को लेकर आपस में ही भिड़ गए। इस दौरान मरीजों में नोकझोंक भी हो गई। वहां पर मौजूद अन्य लोगों ने जैसे तैसे मामले को शांत किया। उधर, अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर बीबी पुष्कर ने बताया कि एंटी रैबीज इंजेक्शन की डिमांड भेजी गई है। वह इंजेक्शन खत्म होने से पहले ही इसकी डिमांड भेज देते है। उनका कहना था कि शहर के ही नहीं पूरे जिले के लोग यहां पर इंजेक्शन लगवाने के लिए आते है।