फर्रुखाबाद। जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा छह में प्रवेश को शनिवार को आठ केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में परीक्षा हुई। इसमें पंजीकृत 3045 अभ्यर्थियों में से 1974 परीक्षा में शामिल हुए और 1071 ने परीक्षा छोड़ दी।
जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा छह में प्रवेश को शनिवार को आठ केंद्रों पर दिन में 11.30 से 1.30 बजे तक परीक्षा हुई। यह परीक्षा पर्यवेक्षकों की निगरानी में कराई गई। कन्या विद्यापीठ इंटर कालेज कायमगंज केंद्र पर 438 परीक्षार्थियों में से 247 उपस्थित हुए और 191 ने परीक्षा छोड़ी। रामदर्शनी राजकीय इंटर कालेज भटासा नवाबगंज में 290 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 184 ने परीक्षा दी और 106 ने छोड़ दी। सूर्य कुमारी इंटर कालेज शमसाबाद केंद्र पर 220 पंजीकृत में से 170 ने परीक्षा दी और 50 ने छोड़ दी। राजकीय बालिका इंटर कालेज फतेहगढ़ केंद्र पर 261 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 150 परीक्षा देने उपस्थित हुए और 111 ने परीक्षा छोड़ दी। राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ केंद्र पर 412 में से 316 ने परीक्षा दी और 96 अनुपस्थित रहे। भारतीय इंटर कालेज मोहम्मदाबाद केंद्र पर 500 में से 311 ने परीक्षा दी और 189 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। शक्ति सैनिक इंटर कालेज मौधा केंद्र पर 355 में से 230 परीक्षा में शामिल हुए और 125 ने परीक्षा छोड़ी। आरपी इंटर कॉलेज कमालगंज में पंजीकृत 569 में से 366 परीक्षा में शामिल हुए और 203 ने परीक्षा छोड़ी। इस प्रकार कुल 3045 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 1974 ने परीक्षा दी और 1071 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। प्राचार्य पंकज उपाध्याय ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण हुई। किसी भी केंद्र पर कोई नकलची नहीं पकड़ा गया।
एक ही रोल नंबर पर बैठे जुड़वां भाई में एक को निकाला
कमालगंज। नवोदय प्रवेश परीक्षा में आरपी इंटर कालेज कमालगंज में एक ही रोल नंबर पर जुड़वां भाई परीक्षा कक्ष में बैठ गए। पता चलने पर कक्ष निरीक्षक ने एक छात्र को निकाल दिया। परिजनों के पास पहुंचकर वह रोने लगा। बाद में साइबर कैफे से दूसरा प्रवेश पत्र निकलवाकर लाने की शर्त पर छात्र को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिली।
आरपी इंटर कालेज कमालगंज में नवोदय प्रवेश परीक्षा में भटपुरा गांव के जुड़वां बच्चे प्रतीक व प्रबल एक ही अनुक्रमांक के प्रवेश पत्र लेकर एक परीक्षा कक्ष में बैठे। प्रवेश पत्र प्रतीक के नाम का था। कक्ष निरीक्षक ने जांच की तो प्रबल को कमरे से निकाल दिया। वह रोते हुए सड़क पर खड़े अपने अभिभावक के पास पहुंचा। अभिभावक प्रधानाचार्य महेशचंद्र वर्मा के पास ले गए। उन्होंने बताया कि गलती से दोनों प्रवेश पत्र प्रतीक के नाम वाले निकलवा लिए। प्रधानाचार्य ने प्रबल को कमरे में बैठने की अनुमति देकर प्रबल का प्रवेश पत्र निकलवाकर लाने को कहा। बाद में प्रबल का प्रवेश पत्र आ गया और परीक्षा दी। केंद्र पर 569 छात्रों में 366 ने ही परीक्षा दी, 203 अनुपस्थित रहे। तहसीलदार ने निरीक्षण किया।