जलशक्ति अभियान के तहत गंगा और रामगंगा नदी के पांच किलोमीटर क्षेत्र में स्थित 17 तालाबों कायाकल्प होगा। जल संचयन, पर्यटन और विदेश पक्षियों के ठहरने की दृष्टि से तालाबों को संवारा जाएगा। केंद्र सरकार की क्वालिटी ऑफ इंडिया की दो सदस्यीय टीम ने ड्रोन कैमरे से सर्वे भी लिया है।
क्वालिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर आदित्य तिवारी की देखरेख में बुधवार को भोला बेनीवाल और सौरभ सुबोध के लिए जिले में पहुंचे थे। उन्होंने डीएफओ और जिला प्रशासन से ड्रोन कैमरे से सर्वेक्षण के लिए अनुमति ली।
गुरुवार शाम तक सर्वे का काम पूरा कर लिया। सर्वे रिपोर्ट दिल्ली स्थित अधिकारियों को सौंपेंगे। डीएफओ पीके उपाध्याय ने बताया कि तालाबों की तकनीकी जांच चल रही है। इनकी डीपीआर तैयार की जाएगी।
सरकार की मंशा है कि नदियों में शुद्ध होकर ही जल पहुंचे। तालाबों के सुंदरीकरण के बाद विदेशी पक्षियों का बसेरा होगा, पर्यटन भी बढ़ेगा। वन विभाग काम के लिए तैयार है।
बढ़पुर ब्लाक के कुबेरपुर घाट, आलिमपुर, रमन्ना गुलजारबाग, रामपुर डफरपुर, कमालगंज के रतनपुर, बहबलपुर व कमालगंज नगर पंचायत, कायमगंज ब्लॉक के ज्योरा, राजेपुर के गूजरपुर पमरान, नगला हूसा, बेचे पट्टी, करनपुर दत्त, इमादपुर पमरान, तुर्कहटा, खंडौली, द्विसी हुसैनपुर, शमसाबाद ब्लाक का चिलसरा तालाब।