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मंडी शुल्क के गबन में, बड़े आढ़ती खौफ में

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कृषि उत्पादन मंडी समिति सातनपुर में करोड़ों के शुल्क गबन के मामले में कई लोगों के फंसने के आसार हैं। चपरासी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला गरमाता जा रहा है। तत्कालीन मंडी सचिव व उसके करीबी आढ़ती सहित कई रडार पर हैं। इससे मंडी के बड़े आढ़ती खौफ में हैं। कुछ आढ़तियों की मानें तो तत्कालीन मंडी सचिव सैफई से अपना रिश्ता बताकर रौब गांठता था।
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सातनुपर मंडी के शुल्क में करोड़ों के खेल की शिकायत पर वर्ष 2011 से 2017 तक के अभिलेखों की जांच चल रही है। इस खेल में चपरासी से लेकर अधिकारी व कई बड़े आढ़ती भी जांच के घेरे में हैं। हगेटपास पर हस्ताक्षर करने वाले चपरासी अभय प्रताप सिंह के खिलाफ उपनिदेशक राजीव श्रीवास्तव एफआईआर दर्ज करा चुके हैं। अब उसका निलंबन भी तय है। उधर, आढ़तियों को गबन में फंसने का खौफ सता रहा है।


बताया जा रहा है कि तत्कालीन मंडी सचिव सैफई से अपना रिश्ता बताकर धाक जमाए था। शहर का एक आढ़ती उसका करीबी माना जाता था। वह साहब की सेवा में अपनी तीन-तीन लग्जरी कार की भी सुविधा देता रहा। करीबी इतनी बढ़ी कि गैरजनपद में एक शीतगृह भी साझे में खोला गया। फिर शीतगृह पर स्वामित्व को लेकर दोनों में कुछ अनबन हो गई। इसके चलते गत वर्ष शीतगृह बेच दिया गया।
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जनपद से कई प्रांतों के लिए आलू की रैक लोडिंग होती थी। कई व्यापारी मिलकर रैक लोड कराते थे। कुछ आढ़तियों की मानें तो बड़े आढ़ती ही सभी का गेट पास अपनी फर्म पर कटवाते थे। नियमानुसार गेटपास की तीन प्रतियों में मुख्य व्यापारी को दी जाती है, जबकि शेष दो कार्बनकॉपी मंडी रिकार्ड में रखी जाती हैं।

खेल यह हुआ कि बिना कार्बन लगाए गेट पास जारी किया गया और कार्बनकॉपी पर पेन से कम लोड भरकर राजस्व को चूना लगाया गया। इसमें कई मंडी कर्मचारियों का भी हिस्सा बंधा था। सातनपुर मंडी में पांच वर्ष पूर्व एक बड़े आढ़ती ने एक कार के नंबर पर ट्रक की लोडिंग दिखाकर गेट पास जारी करा लिया।


दूसरे आढ़ती ने अपनी कार का नंबर देख आपत्ति जताकर शिकायत की तो मामले की जांच भी शुरू हुई। हालांकि बाद में वह मामला दबा दिया गया। सातनपुर मंडी सचिव शिवकुमार राघव ने बताया कि वह लखनऊ में हैं।


शुल्क गबन के मामले में कई आढ़ती व कर्मचारी जांच के घेरे में आ गए हैं। उनकी सूची भी तैयार की जा रही है। चपरासी अभय प्रताप का जल्द ही निलंबन आदेश जारी कर दिया जाएगा। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इसमें कई लोगों का फंसना तय है।
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मंडी शुल्क के गबन से बड़े आढ़ती खौफ में

पूर्व मंडी सचिव बताता था सैफई से रिश्ता

करीबी आढ़ती के साझे में खोला था कोल्डस्टोर
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