फर्रुखाबाद। लगातार बारिश और बाढ़ से जनपद की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कहीं डामर उखड़ गया तो कहीं गंगा की धार ने सड़क को पूरी तरह निगल लिया।
अब पीडब्ल्यूडी ने इन सड़कों की मरम्मत के लिए शासन को एस्टीमेट भेजा था। इसमें 155 सड़कों के लिए 21 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। अब सड़कें ठीक होने से शहर और ग्रामीण क्षेत्र की तकरीबन छह लाख की आबादी को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
दो माह तक चले बाढ़ के कहर ने जिले की सड़कों की हालत खस्ता कर दी है। कई स्थानों पर सड़कें धंस गईं तो कहीं गहरे गड्ढों में तब्दील हो गईं। मुख्यमंत्री द्वारा सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के निर्देश मिलते ही पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने सर्वे कराया और तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करने के आदेश दिए।
सर्वे में विकास खंड बढ़पुर, शमसाबाद, कमालगंज और राजेपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा सड़कें क्षतिग्रस्त पाई गईं। इसके अलावा कायमगंज तहसील में 40 और अमृतपुर तहसील में 91 सड़कें भी बुरी तरह टूटी मिलीं। विभाग ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेज दी है। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि अक्तूबर माह के अंत तक अधिकांश सड़कों पर गड्ढामुक्त अभियान पूरा कर लिया जाएगा।
155 सड़कों में 138 किमी. के भरे जाएंगे गड्ढे
लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 155 सड़कों में 138 किलोमीटर हिस्से की मरम्मत की जाएगी। इस पर करीब 21 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। मरम्मत कार्यों की मॉनिटरिंग पीडब्ल्यूडी फतेहगढ़ द्वारा की जा रही है। ऐसे में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लंबे समय से टूटी-फूटी सड़कों से अब राहत मिलने की उम्मीद है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर मुख्य मार्गों तक सुगम यातायात सुनिश्चित होगा।
बाढ़ और बारिश के चलते जिले की सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री के आदेश पर सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
-मुरलीधर, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड फतेहगढ़।
फोटो-21, फतेहगढ़- फर्रुखाबाद मुख्य मार्ग पर पैचिंग का कार्य करते कर्मचारी। संवाद