कमालगंज (फर्रुखाबाद)। धान खरीद केंद्र अक्सर बंद रहने से किसानों के वापस जाने पर अतिरिक्त एसडीएम ने केंद्र प्रभारी को फटकार लगाई। उन्होंने हिदायत दी कि यदि केंद्र से किसान वापस जाएगा तो जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। खरीद किया हुआ धान और मक्का खुले में रखा देख नाराजगी जताते हुए तत्काल सुरक्षित स्थान पर रखाने निर्देश दिए।
नवीन मंडी परिसर स्थित हॉट शाखा के धान खरीद केंद्र का बुधवार को अतिरिक्त एसडीएम रमेश चंद्र यादव ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र प्रभारी एसएमआई सावंत कुमार केंद्र से केंद्र बंद होने और किसानों के वापस जाने के बाबत पूछताद की। केंद्र प्रभारी ने दो जगह का चार्ज होने की दुहाई दी। इस पर एसडीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने केंद्र प्रभारी व प्राइवेट कर्मचारी लड्डन को हिदायत दी कि यदि उन्हें जानकारी मिली कि केंद्र बंद है या कोई भी किसान केंद्र से वापस गया तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। केंद्र पर धान बेचने आई किसान शारदा देवी व नरेश चंद्र से बात की। सरकारी खरीद किया हुआ धान व मक्का के पैकेट खुले में रखे देख नाराजगी जताते हुए तत्काल उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखाने के निर्देश दिए। एसएमआई ने बताया कि दोपहर बाद धान के पैकेटों की लदान शुरू कर दी गई है।
अक्सर केंद्र बंद, हो गई 13 फीसदी खरीद
कमालगंज। धान खरीद केंद्र अक्सर बंद रहता है। इससे किसानों को वापस जाने को मजबूर होना पड़ता है। जब केंद्र खुला भी होता है तो केंद्र प्रभारी या केंद्र पर तैनात प्राइवेट कर्मचारी मानक के अनुसार धान न होने की बात कह कर किसान को चलता कर देता है। मजबूरी में किसान को आढ़तियों या बिचौलियों के हाथों धान बेचना पड़ता है। एसडीएम के पूछताछ के दौरान केंद्र प्रभारी सावंत कुमार ने बताया कि धान के चार हजार क्विंटल खरीद के सापेक्ष आज तक तेरह सौ अस्सी क्विंटल धान और पंद्रह हजार क्विंटल मक्का के लक्ष्य के सापेक्ष 365 क्विंटल मक्का की खरीद हुई है।
मंडी के अधिकारियों ने एसडीएम को दी गलत जानकारी
कमालगंज। धान खरीद केंद्र के निरीक्षण के दौरान मंडी निरीक्षक रामप्रकाश दुबे से गल्ला आढ़ती व सब्जी-फल आढ़तियों की जानकारी ली। वह सटीक जानकारी न दे सके। उन्होंने बताया कि दो गल्ला आढ़ती ऐसे हैं जो कोई काम नहीं कर रहे हैं। इस पर एसडीएम ने काम न करने वाले आढ़तियों के लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। वहीं, सब्जी-फल आढ़तियों की जानकारी पर मंडी निरीक्षक ने बताया कि उनकी मंडी में मात्र आठ लाइसेंस हैं। जब कि वहीं मौजूद मंडी सहायक सुनील कुमार ने बताया कि मंडी में बीस से 25 लाइसेंस हैं। जब कि रिकार्ड में तीस लाइसेंस धारकों के नाम दर्ज हैं।