फर्रुखाबाद। गोसदन में बंद पशुओं के दिन बहुरने लगे हैं। अमर उजाला के अभियान के बाद चेता जिला प्रशासन तेजी से व्यवस्थाएं दुरुस्त करा रहा है। मनरेगा से पशु विभाग अब तक करीब 50 बीघा जमीन जुतवा चुका है। इसमें से करीब 35 बीघा में जई (हरा चारा) बो दी गई है। बची हुई जमीन पर भी जल्द ही जई बोया जाएगा।
गोसदन में व्याप्त अव्यवस्थाओं को जिला प्रशासन धीरे-धीरे सुधरवाने में लगा है। 27 नवंबर को अतिरिक्त एसडीएम एवं प्रभारी ईओ रमेशचंद्र यादव, तहसीलदार सदर प्रदीप सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजकिशोर और डीसी मनरेगा ने अपनी देखरेख में गोसदन की करीब 30 बीघा जमीन जुतवाकर दस बीघा में जई बुवाई थी। 28 और 29 नवंबर को मनरेगा से 20 बीघा जमीन और जुतवाने के बाद 25 बीघा खेत में जई बो दी गई है। यानी गोसदन की जमीन पर अब तक 35 बीघा हरा चारा बोया जा चुका है।
जई बोने से अब गोवंशों को भूसा और दाना के साथ ही हरा चारा भी मिलने लगेगा। तहसीलदार सदर प्रदीप सिंह ने बताया कि गोसदन की लगभग 50 बीघा जमीन तीन दिनों में जुतवा दी गई है। 35 बीघा में जई भी बो दी है। अन्य जमीन पर दो दिन में जई बोने के निर्देश लेखपाल को दिए हैं।
गोसदन का लगने लगा गेट
फर्रुखाबाद। धर्मपुर स्थित कटरी गोसदन का टूटा पड़ा गेट पांचवें दिन गुरुवार को लग गया है। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी। 25 नवंबर को सर्वोदय मंडल के पूर्व महामंत्री लक्ष्मण सिंह ने अपने साथियों के साथ गोसदन में हंगामा किया था। यही नहीं उन्होंने गोसदन के पश्चिमी तरफ का गेट तोड़कर पशुओं को बाहर निकाल दिया था। गेट न लगाए जाने से पशु आसपास खेतों में घुस रहे थे, जिससे ग्रामीणों की फसल खराब हो रही थी। अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में आज लगेगा गोसदन का गेट शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर को संज्ञान में लेते हुए पशु विभाग ने गेट लगवाना शुरू कर दिया। प्रबंधक प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि गेट लगवा दिया गया है।