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काम नहीं कर सकते तो जिला छोड़ दो

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अमृतपुर(फर्रुखाबाद)। अमृतपुर तहसील में मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें डीएम ने सीएमओ को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यदि काम नहीं कर सकते तो जिला छोड़ दो। इसके साथ ही मत्स्य निदेशक व ग्रामोद्योग के प्रबंधक के संपूर्ण समाधान दिवस में नहीं पहुंचने पर वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। इस दौरान 149 शिकायतें आईं इसमें से 20 का मौके पर निस्तारण हो सका।
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संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने बीसीटीएम और बीपीएम का बजट नहीं खत्म होने पर सीएमओ को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि इसमें सुधार नहीं होने पर जिला छोड़ दें। साथ ही विभाग के किसी भी बाबू व नोडल अधिकारी को छुट्टी नहीं देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी को काम दिए जाते हैं तो उनकी समीक्षा भी की जानी चाहिए। आप समीक्षा क्यों नहीं करते हैं। इसके बाद उन्होंने परियोजना निदेशक से पूछा कि मुख्यमंत्री के पोर्टल पर विभाग के 52 प्रार्थनापत्र लंबित हैं। इनमें सुधार क्यों नहीं हो रहा है। शिकायतों को तुरंत निस्तारित कराएं।

इसके अलावा उन्होंने डीपीआरओ अमित त्यागी, डीएसओ राजेश सिंह व डीडीओ ओमप्रकाश पांडेय को भी आड़े हाथों लिया। इस दौरान गूजरपुर निवासी रामबहादुर ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि उसने 10 साल के लिए मत्स्य विभाग से तालाब का पट्टा कराया था। इसमें मछली पाली थी। किसी कारण से सभी मछली मर गईं हैं। उसे इसका मुआवजा दिलाया जाए। जिलाधिकारी ने इस पर मत्स्य निदेशक से इसके विषय में जानकारी करनी चाही पर वह मौजूद नहीं थे। इस पर उन्होंने उनका वेतन रोकने के आदेश दिए। इसी दौरान एक कर्मचारी ने बताया कि वह मत्स्य विभाग से ही आया है। उन्होंने उसे वहां से भेज दिया। कहा तुम्हारा यहां पर कोई काम नहीं हैं।
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ग्रामोद्योग प्रबंधक सुरेंद्र कुमार भी संपूर्ण समाधान दिवस में नहीं पहुंचे थे। उन्होंने उनका भी वेतन रोकने के आदेश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस में एसपी संतोष मिश्रा, डीएफओ पीके उपाध्याय, सीडीओ अपूर्वा दुबे, एसडीएम ईशान प्रताप, बीएसए रामसिंह आदि अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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