फर्रुखाबाद। जिले में बुधवार से फाइलेरिया निरोधक अभियान की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत जिले के करीब 17 लाख लोगों को फाइलेरिया निरोधक दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
फाइलेरिया खतरनाक बीमारी है। इसे हाथीपांव भी कहते हैं। इसमें एक पैर सूज जाता है या फिर हाइड्रोसील की समस्या हो जाती है। विशेषज्ञों की मानें तो फाइलेरिया की दवा सभी लोगों को खानी चाहिए। यह मच्छर जनित बीमारी है। इससे सभी लोगों के अंदर थोड़े बहुत माइक्रोफाइलेरिया होते ही हैं। जब यह बहुत बढ़ जाती है, तब हाथी पाव या हाइड्रोसील जैसी समस्या हो जाती है।
जिला मलेरिया अधिकारी डा. सुजाता ठाकुर ने बताया कि इस बीमारी से लड़ने के लिए ही बुधवार से अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 18 नवंबर तक चलेगा। इसमें करीब 17 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। इस बार विभाग ने 50 से ज्यादा अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी दवा खिलाने की मॉनीटरिंग में लगाई है। ताकि सभी को सही से दवा खिलाई जा सके।
सामने खिलाई जाएगी दवा
फाइलेरिया निरोधक दवा कर्मचारियों को अपने सामने ही खिलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि एक कर्मचारी को एक दिन में 50 घरों में दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। ताकि यदि कोई देर में दवा खाने की कहे तो भी उसे दवा सामने ही खिलाई जाए।
दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। एक दो लोगों को दवा खाने से चक्कर आदि आने लगते हैं या कोई और समस्या होती है। इसका मतलब है कि उस व्यक्ति में माक्रोफाइलेरिया है। उन्हें दवा से परहेज नहीं करना चाहिए। यदि कोई समस्या होती है तो नजदीकी अस्पताल से संपर्क कर लें। संबंधित को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
इन लोगों को नहीं खानी है दवा
फाइलेरिया निरोधक दवा कुछ लोगों को नहीं खानी है। इसमें 0 से 2 साल तक बच्चे, गर्भवती और हार्ट या किडनी ट्रांसप्लांट जैसी किसी सर्जरी से गुजर चुके लोगों को यह दवा नहीं खानी है। अन्य सभी को यह दवा खाना जरूरी है।