अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। शहर के मुख्य मार्गों और मोहल्लों की गलियों में लगी स्ट्रीट लाइटें अक्सर दिन में भी खुली रहती हैं। बिजली की बर्बादी रोकने को अब विभाग स्ट्रीट लाइटों के लिए भी मीटर लगाएगा। इसके लिए अलग से लाइन बनाई जाएगी। विभाग ने आठ करोड़ का एस्टीमेट बनाकर पालिका प्रशासन को भेज दिया है।
नगर पालिका सदर में 42 वार्ड हैं। हर वार्ड के मुख्य मार्गों और गलियों में बिजली के खंभों पर स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। बिजली विभाग पालिका से इसका फिक्सड बिल वसूलता है। इसके चलते पालिका इन्हें दिन में बंद करने की जहमत तक नहीं उठाती है। इससे बिजली की बर्बादी होती है। इसे रोकने के लिए अब बिजली विभाग मीटर की रीडिंग कर खपत के अनुसार ही बिल वसूलेगा। अफसरों ने कवायद शुरू कर दी। इसमें करीब आठ करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसका भुगतान पालिका को करना पड़ेगा। विद्युत निगम शहरी खंड के एक्सईएन पंकज अग्रवाल ने नगर पालिका को करीब आठ करोड़ कर एस्टीमेट बनाकर भेजा है। पालिका से रुपये मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा।
इस तरह डाली जाएगी केबल
मुख्य मार्गों और मोहल्लों को बिजली देने के लिए ट्रांसफार्मर लगे हैं। प्रत्येक ट्रांसफार्मर के पास एक मीटर लगाया जाएगा। उस ट्रांसफार्मर से जिन क्षेत्रों को बिजली दी जाती है, उसमें जितनी स्ट्रीट लाइट लगी हैं, उनके लिए इस मीटर से एक-एक केबल दी जाएगी और उसी से लाइटों को जोड़ा जाएगा। ब्यूरो
यह होगा फायदा
मीटर से स्ट्रीट लाइटों को बिजली देने से फिजूल खर्च रुकेगा। नगर पालिका को उतना हीं बिल देना होगा, जितनी मीटर में रीडिंग आएगी। मोहल्लों में स्ट्रीट लाइटों से बिजली चोरी होती है, उस पर भी अंकुश लग जाएगा।
वर्जन
आठ करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर पालिका को भेजा है। रुपये मिलने पर काम शुरू कराया जाएगा। मीटर से बिजली की बर्बादी भी रुकेगी। दिन में लाइटें बंद करने के लिए नगर पालिका के कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। - पंकज अग्रवाल, एक्सईएन शहरी
पालिका पर बढ़ेगा बिजली बिल का बोझ
नगर पालिका के प्रकाश विभाग के प्रभारी विजय शुक्ल ने बताया कि अभी बिजली विभाग से उनके पास स्ट्रीट लाइट पर मीटर लगाने का कोई पत्र नहीं आया है। अगर ऐसा होता है तो नगर पालिका पर बिजली बिल का बोझ बढ़ जाएगा। अभी तक नगर पालिका की ग्रांट से बिजली का बिल कटता है।