अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्थित सीएमओ ऑफिस में सोमवार को दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने आए नि:शक्त खड़े रहे। वहां न ही पीने का पानी नसीब हुआ, न ही बैठने को दरी का इंतजाम किया गया। इससे नि:शक्त परेशान रहे।
प्रत्येक सोमवार को सीएमओ कार्यालय में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए जाते हैं। पूरे जिले में एक ही जगह दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए जाने से दूर दराज गांव से भी लोग यहां प्रमाणपत्र बनवाने आते हैं। इससे भीड़ बढ़ जाती है। लोगों को पूरा दिन लाइन में खड़े रहकर गुजारना पड़ता है। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने करीब 20 दिन पहले चिकित्सा विभाग को निर्देश दिए थे कि प्रमाण पत्र बनवाने आए नि:शक्तों के लिए पीने के पानी व बैठने की व्यवस्था करवाएं। इससे नि:शक्तों को कुछ राहत मिलेगी।
चिकित्सा विभाग ने इसके बाद एक सोमवार को तो पानी के टैंकर व बैठने के लिए एक दरी डलवा दी थी। इसके बाद से विभाग वहां दरी डलवाना व पानी के लिए टैंकर खड़ा करवाना भूल गया। यही कारण था कि सोमवार को दिव्यांग जमीन पर बैठने को मजबूर थे। कुछ लोग लंबी लाइन में जैसे तैसे खड़े थे।
इस मुद्दे पर डिप्टी सीएमओ राजीव शाक्य ने कुछ भी बोलेने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। जबकि एसीएमओ डा. दलबीर और सीएमओ अरुण कुमार का फोन नहीं उठा।
महिला व पुरुष की लगती है एक ही लाइन
दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए महिला व पुरुषों की एक ही लाइन लगती है। इससे महिलाओं को समस्या का सामना करना पड़ता है। कंपिल क्षेत्र से आई एक महिला ने बताया कि सुबह 9 बजे से लाइन में लगे हैं। तीन घटें हो गए। अभी तक नंबर नहीं आया। ऊपर से इस धक्कामुक्की ने परेशान कर दिया है।