फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ पीड़ितों ने सड़क किनारे बनाया आशियाना

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। रामगंगा का जलस्तर घटा तो गंगा का स्थिर चल रहा है। इसके बावजूद बाढ़ग्रस्त इलाकों से पानी कम नहीं हुआ है। बाढ़ पीड़ित सड़क किनारे आशियाना बनाकर रहने को मजबूर हैं। वहीं, फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग रविवार को भी बंद रहा।

गंगा का जलस्तर 137.05 मीटर पर स्थिर है, जबकि रविवार को करीब 1.54 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा का जलस्तर कम हुआ है। शनिवार को रामगंगा का जलस्तर 137.05 मीटर था। रविवार को दस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा और जलस्तर 136.70 मीटर पर पहुंच गया। रामगंगा व गंगा की बाढ़ से कंचनपुर, सबलपुर, चित्रकूट, अंबरपुर, रामपुर, उधयपुर, आशा की मड़ैया, पट्टी भरखा, पट्टी जसूपुर, नगला पंखियान, महमदपुर गढ़िया, भुड़रा और कुंवरपुरा समेत करीब आधा सैकड़ा से ज्यादा गांव बाढ़ से घिरे हैं। भुड़रा, कुंवरपुरा और मोहनपुरवा गांव में ग्रामीण छत पर पन्नी डालकर रहने को मजबूर हैं। गौटिया-ईमादपुर मार्ग, इटावा-बरेली मार्ग, चाचूपुर कड़हर मार्ग और फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग किनारे सैकड़ों बाढ़ पीड़ित पन्नी डालकर रह रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन गांवों के लोगों का कहना है कि करीब एक माह होने जा रहा है। अभी तक गांव में बाढ़ का पानी कम नहीं हुआ है। पानी कम न होने से गुजर-बसर करना मुश्किल हो रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर से भेजी गई चिकित्सीय टीम ने जिठौली में 115, महमदपुर में 78, सबलपुर में 85 और रामपुर गांव में 45 बाढ़ पीड़ितों को बुखार और खुजली की दवा बांटी। टीम में डॉ. विपुल अग्रवाल, डॉ. पंकज कटियार और फार्मासिस्ट वीके मिश्र शामिल रहे। डॉक्टरों का कहना था कि बुखार और खुजली के ज्यादा मरीज मिल रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें