अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। अब गांव की साफ-सफाई से जिले की रैंक तय होगी। गांवों में एक से 31 अगस्त तक स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। अच्छी रैंक वाले जिले को दो अक्तूबर को सम्मानित किया जाएगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण, ग्रामीण भारत सरकार का पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय करा रहा है। यह सर्वेक्षण स्वतंत्र एजेंसी से कराया जाएगा। जिला पंचायतीराज अधिकारी अमित त्यागी ने बताया कि जिलास्तर पर बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, बाल विकास , स्वास्थ्य, मंडी परिषद, ग्राम्य विकास आरईएस आदि के अधिकारियों के साथ बैठक करके सर्वेक्षण की लांचिंग से पहले जिम्मेदारियां तय कर ली जाएंगी। इसके लिए एक अगस्त से गांवों में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। सफाई कर्मचारियों के समूह बना कर गांवों में साफ सफाई का अभियान चलाया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस तरह तय होगी रैंक
प्रत्यक्ष निरीक्षण (30 प्रतिशत)
स्वतंत्र एजेंसी विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, पीएचसी, हाट-बाजार, धर्म स्थल व अन्य स्थानों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगी। इसमें शौचालय की उपलब्धता पर पांच प्रतिशत, शौचालय के उपयोग पर पांच प्रतिशत, सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-करकट की स्थिति पर 10 फीसदी और गांव में जलभराव की स्थिति पर 10 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा।
नागरिकों से फीडबैक ( 35 प्रतिशत)
नागरिकों के समूह की बैठक करके स्वच्छता के प्रति जागरुकता, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के क्रियान्वयन, गांव में साफ सफाई, आदि पर 20 प्रतिशत। ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, आशा, स्कूल अध्यापक से बातचीत आदि पर 10 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। नागरिकों से ऑनलाइन फीडबैक के लिए पांच प्रतिशत वेटेज तय किया गया है।
सर्विस लेवल प्रगति ( 35 प्रतिशत)
गांव में स्वच्छता आच्छादन के लिए पांच प्रतिशत और जिले में ओडीएफ गांव के लिए पांच प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन में परिसंपत्तियों की जियो टैगिंग के लिए पांच फीसदी और अक्रियाशील शौचालयों को क्रियाशील में बदलने के लिए 10 फीसदी वेटेज दिया जाएगा। सत्यापित ओडीएफ गांवों के दस प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा।