फर्रुखाबाद। बिजली के पोल के सपोर्ट को लगे तारों में करंट उतर आने से प्रसाद लेकर लौट रहा छात्र उसकी चपेट में आ गया। परिवार के लोग उसे आनन फानन में लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उसे मृत घोषित कर दिया। फतेहगढ़ कोतवाली के गांव धंसुआ निवासी रामानंद का बेटा हिमांशु (10) गुरुवार को गांव के ही गुड्डू यादव के यहां हुई कथा से परसाद लेकर घर लौट रहा था।
रास्ते में बिजली के खंभे को रोकने के लिए लगे सपोर्ट के तार में करंट उतर आया। इस दौरान हिमांशु का हाथ तारों से छू गया। इससे वह तड़पने लगा। यह देखकर उधर से निकाल रहे अन्य ग्रामीणों ने इसकी सूचना बिजली विभाग के अधिकारियों को दी। तब बिजली बंद हुई। परिवार के लोग भी आ गए। आनन फानन में उसे लोहिया अस्पताल लाया गया।
यहां मौजूद डॉक्टर अभिषेक चतुर्वेदी ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग शव को घर ले गए। शाम को फिर से हिमांशु के शव को वापस ले आए। अस्पताल के स्टाफ ने शव को मार्चरी में रखवा दिया। शव देख मां सवितादेवी अचेत हो गई। घटना के बाद गांव वालों में बिजली विभाग के अधिकारियों पर आक्रोश है।
रामानंद ने बताया कि वह जिला हरदोई थाना हरपालपुर के गांव ज्ञानपुर का मूल निवासी है। करीब चार साल पहले ही वह बच्चों को लेकर यहां पर उनकी पढ़ाई के लिए आया था। वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरणपोषण करता है। हिमांशु गांव में ही प्राइवेट स्कूल में कक्षा दो में पढ़ता था। उनके एक अन्य बेटा रुद्रांश है।