अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिलापूर्ति विभाग ने कोटा संबंद्धीकरण में खेल शुरू कर दिया है। विभाग ने 18 कोटेदारों के यहां मानक से कम उपभोक्ता बताते हुए पड़ोस के कोटा से संबद्ध करना शुरू कर दिया है, जबकि शहर में 22 ऐसे कोटेदार हैं, जिनके पास मानक से कम उपभोक्ता हैं। इस तरहचार कोटेदारों के सूची से नाम हटा दिए गए हैं।
शासन ने जिलापूर्ति कार्यालय को आदेश दिए थे कि जिले की नगर पंचायतों व नगर पालिकाओं के ऐसे कोटेदार, जिनके पास 300 से कम राशनकार्डधारक हैं। उन कोटेदारों का कोटा निरस्त कर उनके राशनकार्ड पड़ोस के कोटेदार से 31 जुलाई 2018 तक संबद्ध कर दिया जाए। ऐसा न करने पर जिलापूर्ति अधिकारी को स्पष्टीकरण देना होगा।
नगर पालिका क्षेत्र फर्रुखाबाद में 91 कोटेदार हैं। विभाग ने नगर पालिका फर्रुखाबाद क्षेत्र में 18 ऐसे कोटेदारों को चिह्नित किया है, जिनके पास 300 से कम राशनकार्डधारक हैं। विभाग ने उनके समायोजन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
सूत्रों की मानें तो शासन के आदेश के बाद जो सूची बनाई गई है, उसमें 22 कोटेदार शामिल हैं, जिनके पास 300 से कम राशनकार्ड धारक हैं। विभागीय अफसरों ने इसमें खेल कर दिया है। 300 सौ से कम उपभोक्ता वाले कुछ कोटेदारों ने अधिकारियों से साठगांठ कर कोटा निरस्तीकरण के लिए बनाई गई सूची से अपना नाम गायब करा दिया है। इसके चलते शहर के केवल 18 कोटेदारों के नाम ही सूची में शामिल हैं। यह तो फर्रुखाबाद नगर पालिका क्षेत्र की सूची है। जिले की चार नगर पंचायतों और कायमगंज नगर पालिका में भी इसी तरह का खेल शुरू हो गया है। विभाग ने निरस्तीकरण करने के लिए 18 लोगों की जो सूची तैयार की है उसमें एक भाजपा नेता और एक सपा नेता का भी कोटा शामिल है।
34 लोगों को किया जा चुका चिह्नित
जिलापूर्ति अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि 300 से कम उपभोक्ता वाले करीब 34 कोटेदारों को चिह्नित किया चुका है। फर्रुखाबाद नगर पालिका क्षेत्र की सूची जारी होने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अभी वह बाहर हैं। आते ही इसे दिखाएंगे।