अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। परिवहन कार्यालय में कागज न होने से आरसी बनने बंद हैं। इससे नए वाहन खरीद कर सड़क पर चलाना मुश्किल हो गया है। नए वाहनों के नंबर ऑन लाइन जनरेट हो रहे हैं, लेकिन आरसी न मिलने से चेकिंग के दौरान पकड़े जाने का डर वाहन स्वामियों को सता रहा है। आरसी बनवाने के लिए वाहन स्वामी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
नए वाहनों के पंजीकरण के लिए परिवहन कार्यालय में वाहन स्वामियों की भीड़ न लगे। इसके लिए डीलर प्वाइंट से पंजीकरण कराने की व्यवस्था की गई है। डीलर नए वाहनों के पंजीकरण की अपने कार्यालय से ऑन लाइन फीस जमा करने के बाद पत्रावली परिवहन कार्यालय भेज देता है। वहां से ऑनलाइन वाहन का नंबर जनरेट होता है और आरसी जारी कर डीलर के पास भेज दिए जाते हैं। वर्तमान में परिवहन कार्यालय में जिस कागज पर आरसी छपता है, वह खत्म हो गया है। इससे आरसी प्रिंट होने का काम करीब 20 दिन से बंद पड़ा है। इस पटल का लिपिक करीब 10 दिन से कार्यालय नहीं आ रहा है। अब ऑन लाइन गाड़ी नंबर जनरेट करने का काम भी बंद हो गया है। नए वाहन खरीदने वाले लोग आरसी और नंबर पाने को भटक रहे हैं।
मोहम्मदाबाद के नीब करोरी निवासी ओमकार ने बताया कि उन्होंने करीब 20 दिन पूर्व बाइक खरीदी थी। अभी तक आरसी नहीं मिला। इससे सड़क पर बाइक चलाने में डर लगता है। फतेहगढ़ के मोहल्ला भूसामंडी निवासी सुदेश कुमार ने बताया कि 10 दिन पूर्व बाइक खरीदी थी, अभी तक आरसी नहीं मिला। परिवहन कार्यालय के दूसरे व तीसरे दिन चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
करीब 300 वाहनों की पत्रावली लंबित
परिवहन कार्यालय में आरसी जारी होने के लिए करीब 300 वाहनों की पत्रावली लंबित पड़ी हैं। इसके अलावा 100 से अधिक गाड़ियों की पत्रावली नंबर जनरेट के लिए लंबित हैं। वाहनों की आरसी जारी न होने से इनके मालिक परेशान हैं।
यह है नियम
कोई भी गाड़ी खरीदने के बाद पंजीकरण के लिए ऑन लाइन फीस जमा होने के 24 घंटे बाद उसका नंबर जनरेट हो जाना चाहिए। इसके बाद दो या तीन दिन के अंदर आरसी जारी हो जाना चाहिए।
वर्जन
आरसी का कागज समाप्त हो गया था। इससे आरसी जारी नहीं हो पा रही थी। कुछ कागज आए हैं। लिपिक कोर्ट की तारीख करने करीब 10 दिन से गया हुआ है। उसके वापस आने पर आरसी प्रिंट कराया जाएगा। - मोहम्मद हसीब, एआरटीओ प्रशासन