अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। प्रधान की मौत के बाद ग्राम पंचायत सदस्यों ने अपने बहुमत से प्रधान चुन लिया था। आरोप है कि तीन सदस्यों ने डीपीआरओ से सांठगांठ करके दूसरे व्यक्ति को प्रधान नियुक्त कर दिया। इसी बात से नाराज चौंसेपुर के ग्रामीणों ने विकास भवन में डीपीआरओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। सीडीओ व जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। जिलाधिकारी ने उन्हें जांच का आश्वासन दिया है।
विकास खंड बढ़पुर की ग्राम सभा चौसेपुर के ग्रामीण गुरुवार को किसान यूनियन टिकैत गुट के मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा के नेतृत्व में विकास भवन पहुंचे। डीपीआरओ के नहीं मिलने पर लिपिक उमाकांत का घेराव किया। इसके बाद सीडीओ अपूर्वा दुबे के पास पहुंच गए। उन्होंने बताया कि चौसेपुर के ग्राम प्रधान की मौत मई में हो गई थी। ग्राम सभा में कुल 13 सदस्य थे। इनमें से एक की मौत हो चुकी है। 9 सदस्य सुरजीत को ग्राम प्रधान बनाने के पक्ष में हैं। आठ लोग अपना सहमति पत्र भी जमा कर चुके हैं।
इसके बाद सीडीओ ने उन्हें लिखित में प्रार्थनापत्र देने के लिए बोला। साथ ही कहा कि वह मामले को दिखाएंगी। वहां से संतुष्ट नहीं होने पर ग्रामीण कलक्ट्रेट सभागार पहुंच गए। वहां जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की। जिलाधिकारी ने उन्हें जांच का भरोसा दिया है। इसके बाद ग्रामीण प्रदर्शन करने की चेतावनी देते हुए चले गए।
डीपीआरओ अमित त्यागी ने बताया पंचायती राज एक्ट की धारा 12 के अंतर्गत अगर ग्राम प्रधान की मौत हो जाती है, तो जिलाधिकारी चुनाव होने तक नॉमिनेट सदस्य को ग्राम प्रधान नामित कर सकता है।