अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जयपुर से फर्रुखाबाद आते समय 13 जून को मैनपुरी में स्लीपर बस पलटने में घायल हुए चालक की सोमवार रात उपचार के दौरान मौत हो गई। उसका उपचार कानपुर के एक नर्सिंग होम में चल रहा था। परिवार वाले शव लेकर घर चले आए। शव का पंचनामा भरवाने के लिए पिता गांव के लोगों के साथ कोतवाली गया। पुलिस ने उसको टरका दिया। इधर से उधर भटकने से परेशान पिता और गांव के लोगों ने कानपुर फतेहगढ़ मार्ग पर शव रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। एसपी के आदेश पर फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फतेहगढ़ कोतवाली के महरुपुर सहजू गांव निवासी मुकुल सक्सेना (22) शहर के चतुर्वेदी बस सर्विस की स्लीपर बस चलाता था। 13 जून को वह बस लेकर जयपुर से फर्रुखाबाद आ रहा था। आगरा में मुकुल सक्सेना को हटाकर एटा के सराय अगहत निवासी परिचालक महेंद्र खुद बस चलाने लगा। मुकुल वहीं बोनट के पास बस में लेट गया। मैनपुरी जिले में स्लीपर बस पलट गई। इस हादसे में 17 लोगों की मौत और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
परिचालक महेंद्र बस से कूद कर भाग गया। चालक मुकुल सक्सेना की इस हादसे में एक टांग कट गई थी। उसको मेडिकल कालेज सैफई में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर परिवार के लोग घर ले आए। 25 जून को बहन शिल्पी की शादी पिता ने सादगी से की। हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग मुकुल सक्सेना को कानपुर एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। सोमवार की रात परिवार के लोग उसको लखनऊ लेकर जा रहे थे। रास्ते में मुकुल की मौत हो गई।
परिवार के लोग शव गांव ले आए। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मंगलवार को पिता व गांव के लोग पोस्टमार्टम की कार्यवाही कराने को फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचे। वहां पुलिस ने मृतक के पिता को टरका दिया। ग्रामीणों ने शव को कानपुर-फतेहगढ़ मार्ग पर गांव के पास रख कर जाम लगाने की योजना बनाई और शव लेकर सड़क पर पहुंचे। तब तक एसपी को मामले की जानकारी मिल गई। एसपी अतुल शर्मा के निर्देश पर फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव के पंचनामे की प्रक्रिया पूरी कर उसको पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हादसे के बाद बस संचालक ने नहीं ली सुध
फर्रुखाबाद। मृतक के पिता विजय कुमार ने बताया कि बस पलटने में पुत्र की टांग कटने के बाद बस संचालक विमल चतुर्वेदी ने उसकी दोबारा सुध नहीं ली। 25 जून को पुत्री की शादी थी। विमल चतुर्वेदी ने पुत्र से शादी में 20 से 30 हजार रुपयों की मदद करने का भरोसा दिया था। शादी में वह नहीं आए। पुत्र के उपचार के लिए भी कोई खर्चा नहीं किया। पिता ने बताया कि उसके दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। मुकुल सक्सेना सबसे बड़ा पुत्र था।
मौत की खबर पर बहन हुई अचेत
मुकुल की बहन शिल्पी की शादी मोहम्मदाबाद के रोहिला गांव में 25 जून को हुई थी। भाई की मौत की खबर पर शिल्पी और मां कुसुमा देवी का रो रोकर बुरा हाल हो गया। मुकुल अपने भाई बहनों में सबसे बड़ा था।